ध्यान योग……

Read Time0Seconds
sushil duggad
तन   और  मन  की  रहे  स्वस्थता  तो,
जीवन  भी  सदा  स्वस्थ बन जाता है ।
स्वास्थ्य   सुख   है  सर्वोच्च  जगत  में,
पहला सुख निरोगी काया कहलाता है।
पुरातन संस्कृति ने सिखाया हमें,
स्वस्थता सफलता की कुंजी है ।
विरासत में मिले हमें ध्यान योग,
जीवन  की सबसे बड़ी पूंजी है ।
वशिष्ठ,   कृष्ण,   महावीर,   पतंजलि,
आदि  शंकराचार्य  और  गोरखनाथ ।
प्राचीन  भारत  के  थे  सब महायोगी,
किया योग साधना को जग प्रख्यात ।
आज  नमन करता है जगत सारा,
ध्यान, योग साधना को बारम्बार ।
नमन  भारत  के  महयोगियों  को,
जग  नहीं  भूलेगा  यह  उपकार ।
आओं बढ़ें हम भी उस पथ पर,
जीवन   अपना  सफल बनाए ।
करें  “स्पर्श” स्वस्थता जीवन में,
स्वस्थ समाज और राष्ट्र बनाए ।
#सुशील दुगड़ “स्पर्श”
अंकलेश्वर(लुहारिया)
0 0

matruadmin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Next Post

कश्मीर अब भाजपा के हाथों

Thu Jun 21 , 2018
जम्मू-कश्मीर की सरकार का जो हश्र अब हुआ, वह पहले ही क्यों नहीं हुआ ? भाजपा ने पीपल्स डेमोक्रेटिक पार्टी को साढ़े तीन साल टिकाए रखा और अपनी प्रांतीय और राष्ट्रीय छवि को चौपट होने दिया, इसके पीछे उसकी उदारता और धैर्य की तारीफ करनी पड़ेगी। भाजपा के समर्थक कश्मीर […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।