तीसरी कसम फिल्म का हीरामन अपनी बैल गाड़ी हांकता हुआ किसान आंदोलन में शामिल होने के लिए दिल्ली पहुंच गया। उसके दिल्ली पहुंचते ही अन्य किसानों ने उसका जमकर स्वागत किया। हीरामन से कहा कि अच्छा हुआ हीरामन तुम दिल्ली आ गये। यहां तो सिर्फ बिहार के किसानों की कमी […]

आमआदमी के लिए कुछ मौके बहुत खास होते हैं एक तो होली का जलूस और दूसरा कोई शोभायात्रा । होली के जुलूस में आम आदमी अपने फटेपुराने कपड़ों को पहनकर सड़कों पर ऐसे नाचता चलता है मानो उसके बगैर होली का यह जुलूस अधूरा ही रहा आता । कैसे भी […]

सबसे आसान काम है दिल्ली घेरना। जिसे देखो दिल्ली घेरने चला आता है। इनदिनों अन्नदाता भी दिल्ली घेरने के लिए चले आये हैं और कह रहे है कि वे अपनी मांगों के पूरी होने तक दिल्ली में डटे रहेंगे। डटे रहने तक लंगर का भी पूरा इंतजाम उनके पास है। […]

बिहार के चुनाव में मछली मारक दल के गठबंधन की महत्वपूर्ण भूमिका होने वाली है। अगर इस दल का गठबंधन चुनाव में ज्यादा से ज्यादा सीटें जीतकर सत्ता में आयेगा और यहां के लोगों का समुचित विकास करेगा। उक्त बातें मछली मारक दल के प्रमुख मसरख लाल एक चुनावी सभा […]

उस दिन मुझसे बेटी ने कहा-पापा घर में आप अंडरवियर और बनियान में इधर-उधर न घूमा करें क्यों कि मोबाइल पर अब स्कूल घर पर आ गया है। कल मोबाइल पर मिस मुझे पढ़ा रही थी तब आप अंडरवियर और बनियान में मेरे पीछे घूम रहे थे। यह दृश्य देखकर […]

वेद शास्त्रों में कहा गया है कि जहां महिलाओं की पूजा होती है, वहां पर देवता निवास करते हैं पर सदियों से महिलाओं पर हो रहे अत्याचारों-अनाचारों को देखते हुए ऐसा बिल्कुल प्रतीत नहीं हो रहा है ।दुनिया सदैव से ही महिलाओं की दुश्मन रही है। पुरुष प्रधान समाज में […]

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संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम पत्रिका के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। साथ ही लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्में तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण जैन ने 30 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से डॉ. अर्पण जैन पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान व वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान से सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी है। साथ ही, भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग को लेकर आंदोलन भी चलाया है।