सांसद लालवानी ने बताया अद्भुत एवं नवीन प्रयोग इंदौर। विचार प्रवाह साहित्य मंच द्वारा इंदौर में रविवार को अखिल भारतीय लघुकथा अधिवेशन आयोजित किया गया, जिसमें इंदौर की महिला शिक्षाविदों की लघुकथाओं के संग्रह ‘संचयन’ का विमोचन सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर मुख्य अतिथि सांसद शंकर लालवानी, साहित्य अकादमी के […]

अखिल भारतीय लघुकथा अधिवेशन सम्पन्न विचार प्रवाह साहित्य मंच के आयोजन में देशभर से जुटे लघुकथाकार इंदौर । क्वांटम जहाँ विज्ञान की खोज है, वहीं लघुकथा भी साहित्य का महाप्रयोग है । लघुकथा को विधा के रूप में अब किसी के प्रमाण-पत्र की कोई जरूरत नहीं है। यह बात साहित्य […]

गुड़गांव में ली अंतिम सांस, दिल्ली में होगा अंतिम संस्कार इंदौर। बड़े दु:ख के साथ सूचित करने में आ रहा है कि मातृभाषा उन्नयन संस्थान के संरक्षक, हिन्दी योद्धा, वरिष्ठ पत्रकार, जन दसेक्ष के संस्थापक डॉ. वेदप्रताप वैदिक नहीं रहे। मंगलवार सुबह गुरुग्राम स्थित निज निवास पर अंतिम सांस ली, […]

मुंबई। मध्यप्रदेश के साहित्य जगत को लगातार मिल रहे अखिल भारतीय और वैश्विक स्तर पर यश में एक और वृद्धि हुई है। मध्यप्रदेश साहित्य अकादमी के निदेशक और देवपुत्र के संपादक डॉ विकास दवे को महाराष्ट्र साहित्य अकादमी का सबसे बड़ा सम्मान महाराष्ट्र भारती प्रदान किए जाने की आज घोषणा […]

2 अप्रैल को इंदौर में आयोजित होगा सम्मान समारोह इंदौर। देश की प्रतिष्ठित साहित्यिक पत्रिका ‘वीणा’ (इंदौर) के संपादक राकेश शर्मा को इस वर्ष के पं. बृजलाल द्विवेदी स्मृति अखिल भारतीय साहित्यिक पत्रकारिता सम्मान से अलंकृत किया जाएगा। सम्मान समारोह 2 अप्रैल को इंदौर में आयोजित किया जाएगा। 1 जुलाई, […]

डॉ संजू सदानीरा प्रथम, नगमा सिद्दीकी द्वितीय और प्रतिभा पंचोली तृतीय इंदौर। मातृभाषा उन्नयन संस्थान के प्रकल्प वुमन आवाज़ एवं संस्मय प्रकाशन द्वारा महिला दिवस साहित्य प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें 21वीं सदी की स्त्री विषय पर कविताएँ आमंत्रित की गई थी। देश के कोने-कोने से महिला रचनाकारों ने प्रतियोगिता […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम समाचार पत्र के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्मे तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण ने 35 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। अब तक आप 15 पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं। इसके अलावा साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान, वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान, वर्ष 2025 में लघुकथा शोध केन्द्र भोपाल द्वारा विशिष्ट हिंदी सेवा सम्मान तथा वर्ष 2026 में वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑफ़ एक्सीलेंस, इंग्लैंड द्वारा सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही, लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी हैं। भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की माँग को लेकर आंदोलन भी चलाया है। वर्तमान में आप देशभर में हिन्दी आन्दोलन का नेतृत्व करने के कारण हिन्दी योद्धा के रूप में पहचाने जाते हैं।