‘यशगान’ कवि सम्मेलन में सुनाई देशभक्ति की कविताएं नरेंद्र अटल को दिया वर्ष 2024 का अनुज सम्मान गौतमपुरा। कवि शब्द की व्युत्पत्ति शुक्राचार्य के एक नाम से हुई है और कवि साधारण देह के असाधारण व्यक्तित्व के धनी होते है। आज कविता का स्वरूप बदला है पर यह आज भी […]

मातृभाषा उन्नयन संस्थान द्वारा ‘अनहद अहद’ में किया जाएगा सम्मान इंदौर। सुप्रसिद्ध बाल साहित्यकार एवं ग़ज़लकार अहद प्रकाश जी की स्मृति में मातृभाषा उन्नयन संस्थान ने दो सम्मान, ‘अहद प्रकाश बाल साहित्य गौरव सम्मान’ एवं ‘अहद प्रकाश ग़ज़ल रत्न सम्मान’, घोषित किए थे, जो प्रतिवर्ष एक बाल साहित्यकार एवं एक […]

अक्षर की साधना के ऋषि थे डॉ. शरद पगारे- सत्तन जी इन्दौर। निमाड़ की माटी का लाल नर्मदा के जल को हृदय में आत्मसात करते हुए साहित्य और अक्षर की साधना डॉ. शरद पगारे ने की। वो अपनी भाषा, संस्कृति और संस्कारों के प्रति भी समर्पित रहे। ऐसे व्यक्ति का […]

● डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल‘ धरा पर एक ओर ताप बढ़ा हुआ था, कुछ बौछार मिट्टी के सूखेपन को कम कर रही थीं, इसी बीच गुलारा बेगम जैसे किरदार को जनमानस के बीच में पहुँचाने वाले कुशल कुम्भकार की महायात्रा की ख़बर ने झकझोर दिया। मालवा-निमाड़ ही नहीं अपितु देशभर […]

हिन्दी साहित्य सम्मेलन प्रयाग का हीरक जयंती (75वाँ) अधिवेशन 23, 24, 25 जून 2024 को कोरापुट उड़ीसा में सोल्लास और सोउद्देश्य सम्पन्न हुआ। अधिवेशन हिन्दी साहित्य सम्मेलन प्रयाग एवं केन्द्रीय विश्वविद्यालय उड़ीसा के संयुक्त तत्वावधान में विश्वविद्यालय प्रांगण में सम्पन्न हुआ जिसके मुख्य अतिथि हैदराबाद केन्द्रीय विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति […]

इंदौर (म.प्र.) साहित्य राष्ट्र का दर्पण हेता है | प्रत्येक साहित्यकार अपनी रूचि के अनुसार विविध विधाओं के माध्यम से अपने लेखन धर्म को संपन्न करता है किन्तु राष्ट्र हित व राष्ट्र उत्थान सदैव साहित्य का मूल रहा है | राष्ट्रीय चिंतन के इसी क्रम में यदि किसी क़लमकार को […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम समाचार पत्र के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्मे तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण ने 35 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। अब तक आप 15 पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं। इसके अलावा साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान, वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान, वर्ष 2025 में लघुकथा शोध केन्द्र भोपाल द्वारा विशिष्ट हिंदी सेवा सम्मान तथा वर्ष 2026 में वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑफ़ एक्सीलेंस, इंग्लैंड द्वारा सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही, लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी हैं। भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की माँग को लेकर आंदोलन भी चलाया है। वर्तमान में आप देशभर में हिन्दी आन्दोलन का नेतृत्व करने के कारण हिन्दी योद्धा के रूप में पहचाने जाते हैं।