Archives for लघुकथा - Page 3

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वहशी दरिंदे 

रमेश सीधा - सादा अंतर्मुखी युवक था । स्नातक के अंतिम वर्ष तक आते आते भी महाविद्यालय में उसके कोई स्थाई मित्र नहीं बने थे । रमेश के इस व्यवहार…
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भेड़िया आया था

“भेड़िया आया… भेड़िया आया…” पहाड़ी से स्वर गूंजने लगा। सुनते ही चौपाल पर ताश खेल रहे कुछ लोग हँसने लगे। उनमें से एक अपनी हँसी दबाते हुए बोला, “लो! सूरज…
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बेनकाब 

शोभा यात्रा के मद्देनजर जिला प्रशासन द्वारा विभिन्न राजनीतिक-सामाजिक-धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधियों की एक बैठक बुलाई गयी।  नगर भवन में डी एम साहब सभी को संबोधित कर रहे थे -…
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एकता में बल

 अभिजीत, प्रथम , मुस्कान और संजय बहुत अच्छे दोस्त थे । माधौपुर की पाठशाला में सभी कक्षा ९ वीं में पढ़ते थे । मुस्कान को तीनों दोस्त अपनी छोटी बहन…
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एकता का बल

रमानाथ कई सालों से सपत्नीक धार्मिक यात्रा पर जाने की सोच रहे थे पर हर बार कारोबार की व्यस्तता या कोई न कोई अड़चन उन्हें जाने से रोक देती ।…
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