पवन वेग से उड रे चेतक , जहाँ दुश्मन आया है । रख रुप विकराल उसने , ताँडव वहाँ मचाया है। रक्तरंजित हो गयी धरा , निरपराधों के लहु से। जाने पाये न वो नराधम रंग धरा उसके लहु से । रही सिसकती आज वसुधा, देख अपना दामन लाल। न […]

तन्हाई किसी की मुस्तकबिल न हो खुशियां इतनी भी मुश्किल न हो और पाने की आशा हो अंतिम लक्ष्य हासिल न हो प्यार तो सच्चा हो लेकिन उसकी मंजिल न हो प्रेम में डूबा हो स्नेह-सरिता का साहिल न हो मन में समर्पण हो महबूबा संगदिल न हो ज्ञान का […]

छत्रपति शिवाजी की जयंती पर विशेष रचना….. जन्में  जब  प्यारे शिवाजी घर-घर मनी थी दीपावली । न्याय,दया के थे वे प्रतिमूर्ति जन-जन बोले जय छत्रपति ।। जय हो छत्रपति शिवाजी थे बड़े हीं प्रतापी – ज्ञानी । शत्रुओं ने जब ललकारा सिर काट ले आई भवानी ।। गुलामी से दिलाई […]

कैसे कैसे जिन्दगी ने दिन है दिखलाये। कभी रो दिये हम,  कभी मुस्कराये। इजतराब ऐ शौक हमसे न पूछिये देखा जो उन्हे,साँस भी न ले  पाये। एहतराम मोहब्बत का करेगें ताउम्र इससे ज्यादा हमको न आजमाये । मरना तो हमको,  वैसे भी है यारा क्यू न हम फिर,तुम पे ही […]

(1)वात्सल्य भरा      सागर से गहरा      माँ का ह्रदय       (2)संध्या बनाती      रात के तवे पर      चांद सी रोटी        (3)संध्या परोसे      गगन की थाली में      चांद सी रोटी        (4)कदम तेरे   […]

पुस्तक समीक्षा कृति:-अंतरदर्शन (काव्यसंग्रह) कवयित्री:-डॉ. मीना कौशल प्रकाशक:-साहित्य संगम संस्थान प्रकाशन इंदौर(म.प्र.) पृष्ठ:-80 मूल्य:- 200/- समीक्षक:- राजेश कुमार शर्मा”पुरोहित” शिक्षक एवम साहित्यकार       प्रस्तुत कृति अंतरदर्शन की कवियित्री डॉ. मीना कौशल का यह प्रथम काव्य संग्रह है जिसमे सामाजिक,धार्मिक,आर्थिक,सामाजिक सरोकारों से जुड़ी हुई काव्य रचनाओं का सुंदर संकलन […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम पत्रिका के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। साथ ही लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्में तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण जैन ने 30 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से डॉ. अर्पण जैन पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान व वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान से सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी है। साथ ही, भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग को लेकर आंदोलन भी चलाया है।