पवन वेग से उड रे चेतक , जहाँ दुश्मन आया है । रख रुप विकराल उसने , ताँडव वहाँ मचाया है। रक्तरंजित हो गयी धरा , निरपराधों के लहु से। जाने पाये न वो नराधम रंग धरा उसके लहु से । रही सिसकती आज वसुधा, देख अपना दामन लाल। न […]
पुस्तक समीक्षा कृति:-अंतरदर्शन (काव्यसंग्रह) कवयित्री:-डॉ. मीना कौशल प्रकाशक:-साहित्य संगम संस्थान प्रकाशन इंदौर(म.प्र.) पृष्ठ:-80 मूल्य:- 200/- समीक्षक:- राजेश कुमार शर्मा”पुरोहित” शिक्षक एवम साहित्यकार प्रस्तुत कृति अंतरदर्शन की कवियित्री डॉ. मीना कौशल का यह प्रथम काव्य संग्रह है जिसमे सामाजिक,धार्मिक,आर्थिक,सामाजिक सरोकारों से जुड़ी हुई काव्य रचनाओं का सुंदर संकलन […]
