विरोध हमारा गर कोई करे आत्मावलोकन कीजिए कही बुराई है गर अपने अंदर दूर उसको कर लीजिए दुश्मन नही मित्र समझो विरोध अपना जो कर रहे वही तो सच का आईना दिखा सुधार का अवसर हमें दे रहे बुराई नही गर कोई अपने अंदर विरोध का कड़ा प्रतिकार करो सच […]
जी हां बात करते हैं उत्तर प्रदेश के धरती की। इसलिए की कहते हैं दिल्ली का रास्ता उत्तर प्रदेश से होकर ही गुजरता है। तो आइए आपको उत्तर प्रदेश की धरती पर लेकर चलते हैं, जहाँ गठबंधन की जीत से पहले ही हार का खाका अभी से ही खींचा जाने […]
बड़ा ख्वाब नही मेरा, बस इतनी सी गुजारिश़ है,, किसी का दिल ना दुखाऊ मैं, बस इतनी सी ख्वाहिश़ है,, पाया भी बहुत मैनें, खोया भी बहुत कुछ है,, मंजिल को पाने को , बोया भी बहुत कुछ है,, रिश्तें निभाने को , खुद की आजमाईश है,, बड़ा ख्वाब नही […]
सम्वेदनाओं का ज्वार यदि कविता का द्वार पा जाए तो उसकी अभिव्यक्ति व्यष्टि से समष्टि की ओर हो जाती है। जब भी मानव मात्र अपने मन के उहापोह ,अंतर्द्वंद ,अचेतन के सन्ताप व अधूरी इच्छाओ को प्रकट नही कर पाता या उनके लिए सुपात्र नही खोज पाता तो उसका सेतु […]
उस समय कहा था नेता जी ने अंग्रेजों से भारत को वापस लेंगे तुम हमें खून दो ! हम तुम्हें आजादी देंगे जय हिन्द बोलो !जय हिन्द अबके लोग कह रहे… तुम लोगों ने चुना है हमें हम तुम्हारे विचारों से ही चलेंगे लेकिन जीतने के बाद तुम हमें आजादी […]
जयति जय दशा माता करती पूरण सब आशा । दरिद्रता, दु:ख दूर करि फैलाती जग में प्रकाशा ।। जयति जय दशा माता हर्षित जन, सुख दाता । धन – धान्य-ऐश्वर्य देती ऐसी माँ भाग्य विधाता ।। जयति जय दशा माता हल्दी से लगाते छापा । द्वार-द्वार बने स्वास्तिक सुख-समृद्धि आएं […]
मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम पत्रिका के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। साथ ही लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए।
आप 29 अप्रैल को जन्में तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण जैन ने 30 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से डॉ. अर्पण जैन पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान व वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान से सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं।
कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी है। साथ ही, भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग को लेकर आंदोलन भी चलाया है।