आजकल हिंदी अपनाने और अंग्रेजी की तिलांजली देने के कर्तव्य और संकल्प दोहराएँ जा रहें है |पर सरकारी कागजों पर हिन्दी कहाँ तक और किस स्तर तक पहुँची इस बात से सब नावाकिफ ही है |भाषा विज्ञानी  डॉ.जय कुमार जलज ने अपने शोध ग्रन्थ ‘भाषा विज्ञान’ में प्रकाशित एक […]

मुम्बई | निमित युवा मंच एवम उसकी सहयोगी संस्थाओं के द्वारा दिनांक 07/04/2019 से 17/04/2019 तक अनेक कार्यक्रमो का आयोजन किया गए । जो कि जैन समाज के लिए बहुत बड़ी उपलब्धि है । कार्यक्रमो का विवरण :- ▪7 अप्रेल को विशाल रक्तदान शिविर ▪14 अप्रेल को विवाह योग्य  युवक […]

माता अंजनी के लाल,बजरंगी हो कमाल, महावीर महाभक्त रामजी के आज्ञाकारी हो, तीनों लोकों में तुम पूज्य,तुम सम न कोऊ दूज, थामें हाथ वज्र,ध्वजा श्रीराम के पुजारी हो, माता सीता के दुलार सारा जग करे प्यार, जय हो पवनकुमार तुम विशाल ह्रदयकारी हो, शत्रुओं के तुम काल,दुख हरते हर हाल, […]

साहित्य संगम संस्थान दिल्ली द्वारा छदोत्सव/बसंतोत्सव विशेषांक के मुख्य अतिथियों को साहित्य संगम संस्थान जबलपुर की आद छाया सक्सेना जी द्वारा दिनांक 18/04/2019 को आद प्रशांत करण जी,आद मीना भट्ट जी,आद चंद्रपाल सिंह जी,आद ब्रजेन्द्र सरल जी,आद राजीव डोगरा जी को विशेषांक पर अपना अमूल्य समय देकर कार्यक्रम के मुख्य […]

कड़े संघर्षो से मिली आजादी प्राणों की लगाई थी बाजी तिरंगे का भी मान बढ़ाया देश मे जमकर विकास कराया जहां सुई तक नही बनती थी वहां अंतरिक्ष तक विकास पहुंचाया जो मांग रहे है आज हिसाब वे सत्तर सालो तक दिखाई न दिए गुलामी में अंग्रेजो की खुशामन्द की […]

मैंने कब किसी से अदावत रखी है मेरे दिल मे तुम्हारी चाहत  रखी है फासले है तेरे मेरे दरमियाँ तो क्या दोस्ती मैंने अब तक सलामत रखी है दर्द ही दर्द  मुझको मिलते  रहे हैं मुस्कुराने की मैंने आदत रखी  है तुमको मंजिल मिले आसमां सी ऊँचाई मैंने नजरें करम […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम पत्रिका के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। साथ ही लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्में तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण जैन ने 30 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से डॉ. अर्पण जैन पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान व वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान से सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी है। साथ ही, भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग को लेकर आंदोलन भी चलाया है।