समय मूल्यवान है इसे व्यर्थ न गंवाइये जीवन के हर क्षण को सार्थक ही बनाइये सपने देखे जो वे पूरे हो जाएं मुट्ठी मे से फिसलती रेत की तरह सपने न फिसल जाएं रखिए ध्यान कलैंडर पर जहां तारीख,महीना साल भी बदलता है बचपन से जवानी फिर बुढ़ापा ढलता है […]
पूरे साल क्या किया एक आंकलन कीजिए अगर दुखाया किसी का दिल माफी मांग लीजिए जो लक्ष्य किया था कुछ अच्छा करेंगे उसमे क्या सफल हुए कितनो के आंसू पोछ पाये यह भी मनन कीजिए पराये थे जो अपने बने यह बड़ी उपलब्धि है अपने अगर पराये हो गए यह […]
योग की धूप खिलाएंगे आंसुओ को सुखाएंगे न रोये कोई इस ज़हान में ऐसे उपाय सुझाएंगे रोना तो एक अभिशाप है किसी को रुलाना महापाप है पर आएं अगर खुशी के आंसू बोल उठो ,वाह क्या बात है नवजात का रोना बहुत जरूरी बडो का रोना एक कमजोरी राजयोग से […]
ऐसा करो सद्कर्म अभी यह साल याद करे सभी जो गलत हुआ उसे भूल जाओ बस अच्छे की ही याद दिलाओ नफरत,द्वेष सब त्याग दो प्यार की नई सौगात दो नकारात्मकता कही दिखाई न दे सकारात्मकता को आवाज दो परमात्म स्मृति बनी रहे ऐसे योग पर ध्यान दो कष्ट किसी […]
माँ गंगा को लेकर फिर मच रहा है शोर कही महोत्सव हो रहा कही सफाई पर जोर सरकारी फाइलो मे भी साफ हो रही गंगा धन को ठिकाने लगाने का बेहतरीन है यह धंधा अच्छा होता माँ गंगा को राजनीति से मुक्ति मिलती निष्ठा भाव से जो काम कर रहे […]
सोलहवा ओल इंडिया कोन्फ़रन्स ऑफ़ ‘केंसर केर इंडिया’ की ओरसे आयोजित था | इसमें ‘रेस इन रेन’ट्रस्ट मुंबई की ओरसे सहभागी होने का अवसर मिला | आर्ट ऑफ़ लिविंग इंटरनेशनल सेंटर बेंगालुरु श्री श्री रवि आश्रम में स्थित है | वहीँ सरस्वती होल में कोन्फ़रन्स का आयोजन हुआ था […]
आपका जन्म 29 अप्रैल 1989 को सेंधवा, मध्यप्रदेश में पिता श्री सुरेश जैन व माता श्रीमती शोभा जैन के घर हुआ। आपका पैतृक घर धार जिले की कुक्षी तहसील में है।
आप कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। आपने अब तक 8 से अधिक पुस्तकों का लेखन किया है, जिसमें से 2 पुस्तकें पत्रकारिता के विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध हैं।
मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष व मातृभाषा डॉट कॉम, साहित्यग्राम पत्रिका के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। डॉ. अर्पण जैन ने 21 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण उन्हें वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्डस, लन्दन द्वारा विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया।
इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं और ख़बर हलचल न्यूज़ के संस्थापक व प्रधान संपादक हैं।
हॉल ही में साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन संस्कृति परिषद्, संस्कृति विभाग द्वारा डॉ. अर्पण जैन 'अविचल' को वर्ष 2020 के लिए फ़ेसबुक/ब्लॉग/नेट (पेज) हेतु अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से अलंकृत किया गया है।