करो तुम और कुछ बातें
ठहर जाओ अभी दो पल
नही दिल है भरा तुमसे
छोड़ आयेंगे तुम को घर।
करो तुम और कुछ बातें
ठहर जाओ अभी दो पल।
कोई कर देना बहाना
पूछे जब देर आने के
तोड़ते हम रहे थे फूल
मन्दिर में चढ़ाने के
नही दिल है भरा तुमसे
छोड़ आयेंगे तुमको घर।
करो तुम और कुछ बातें
ठहर जाओ अभी दो पल।
सुनके रफ़्तार धड़कन की
बेक़ाबू हो रही है जो
जाने की ज़िद पर तेरी
इल्तिज़ा कर रही है जो
नही दिल है भरा तुमसे
छोड़ आयेंगे तुमको घर।
करो तुम और कुछ बातें
ठहर जाओ अभी दो पल।
#श्रवण राज ‘लयरिसिस्ट राज’
परिचय :
नाम-श्रवण राज
उपनाम-लयरिसिस्ट राज
वर्तमान-शाहजहांपुर
राज्य-उत्तर-प्रदेश
शहर-शाहजहांपुर
शिक्षा-ग्रेजुएशन
कार्यक्षेत्र-गीतकार
विधा- कम्पोजिंग
प्रकाशन-कुछ प्रिंट मीडिया (2010-2011)
सम्मान- कोई नही।
ब्लॉग-कोई नही।
अन्य उपलब्धियां-फ़िल्म प्रोडक्शन वर्किंग मुंबई और निरंतर अपडेट सांग फेसबुक सोशल नेटवर्क।
लेखन का उद्देश्य- स्वतंत्र रहना।
Mon May 14 , 2018
काल है सबसे बड़ा इससे बड़ा न कोय जो काल करना चाहे वही घटित हो जाये मुठ्ठी से रिस्ते रेत की तरह काल फिसलता जाये फिर भी हर कोई काल मे समा जाये कालो का काल ही सारे जगत का नियन्ता है जिसे कहते महाकाल वही जगत अभियन्ता है। […]