‘बादशाहो’ से ग्रहण ख़त्म होने की उम्मीद…

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पूर्वावलोकन………
अजय देवगन अभिनीत और मिलन लुथरिया निर्देशित फिल्म ‘बादशाहो’ १ सितम्बर को प्रदर्शित होगी। विवाद से बचने के लिए निर्देशक फ़िल्म को काल्पनिक घटना बता रहे जबकि, अफवाहों की मानें तो १९७५ में आपातकाल के ठीक पहले इंदिरा गांधी (तात्कालिक प्रधानमंत्री थी) ने राजस्थान की रियासत आमेर की रानी गायत्री देवी के महल पर ऑपरेशन चलाया था। इसके पीछे ऐतिहासिक मिथक था कि, अकबर के सेनापति राजा मानसिंह जो कि अफगानिस्तान से जीत कर खज़ाना लाए थे,का कुछ हिस्सा यहां छुपाया था। खजाना खोजने का जो अभियान चलाया था,इसमें उनके पुत्र संजय गांधी भी शरीक थे। पूरे शहर में ७ दिन का कर्फ्यू लगाकर खजाना निकालकर दिल्ली लाया गया और जहाज में लादकर विदेश भेज दिया गया। रानी गायत्री देवी ३ बार जीती सांसद और इंदिरा गांधी की घोर विरोधी भी थीं। इसी घटना को इस फ़िल्म में दिखाया गया है।
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खैर फ़िल्म पर आ जाते हैं। मिलन की फिल्में-दीवार, डर्टी पिक्चर्स, कच्चे धागे, वन्स अपॉन ए टाइम इन मुम्बई १/२ और चोरी-चोरी आप देख चुके हैं।
इस फ़िल्म में अजय के साथ विद्युत जामवाल का होना एक्शन का वादा है। साथ में इमरान हाशमी का होना प्रेम की तो सनी लियोनी का आइटम सॉन्ग ‘आवारा-आवारा…’ देखते ही बन रहा है
फिल्म ‘बादशाहो’ में ऐश का भी केमियो है। अजय के साथ इलियाना डिक्रूज, इमरान हाशमी,विद्युत जामवाल,ईशा गुप्ता,संजय मिश्रा,राजपाल यादव
भी हैं। ये फिल्म एक्शन,रोमांस प्रेम और थ्रिलर से भरपूर है।
बॉलीवुड में ‘दंगल’ तथा ‘बाहुबली २’ के बाद से बड़ी फिल्मों को सफलता का ग्रहण लग गया है,जो शायद ‘बादशाहो’ से खत्म हो।

                                                              #इदरीस खत्री

परिचय : इदरीस खत्री इंदौर के अभिनय जगत में 1993 से सतत रंगकर्म में सक्रिय हैं इसलिए किसी परिचय यही है कि,इन्होंने लगभग 130 नाटक और 1000 से ज्यादा शो में काम किया है। 11 बार राष्ट्रीय प्रतिनिधित्व नाट्य निर्देशक के रूप में लगभग 35 कार्यशालाएं,10 लघु फिल्म और 3 हिन्दी फीचर फिल्म भी इनके खाते में है। आपने एलएलएम सहित एमबीए भी किया है। इंदौर में ही रहकर अभिनय प्रशिक्षण देते हैं। 10 साल से नेपथ्य नाट्य समूह में मुम्बई,गोवा और इंदौर में अभिनय अकादमी में लगातार अभिनय प्रशिक्षण दे रहे श्री खत्री धारावाहिकों और फिल्म लेखन में सतत कार्यरत हैं।

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डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम समाचार पत्र के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्मे तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण ने 35 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। अब तक आप 15 पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं। इसके अलावा साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान, वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान, वर्ष 2025 में लघुकथा शोध केन्द्र भोपाल द्वारा विशिष्ट हिंदी सेवा सम्मान तथा वर्ष 2026 में वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑफ़ एक्सीलेंस, इंग्लैंड द्वारा सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही, लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी हैं। भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की माँग को लेकर आंदोलन भी चलाया है। वर्तमान में आप देशभर में हिन्दी आन्दोलन का नेतृत्व करने के कारण हिन्दी योद्धा के रूप में पहचाने जाते हैं।