माँ का आँचल

mahendr raghu
माँ तेरे आँचल में वो क्या जादू है,
धूप में छाया ये कैसे देता है।
ठण्ड से जब भी हुआ वेकाबू मैं,
गर्मी ये मखमल-सी कैसे देता है।
जी करता है लिपटकर जानूं तो,
खुशबू ये आँचल की कैसे देता है।
माँ तेरा आँचल है कल्प वृक्ष-सा,
शीतल हवा,वो छाँव कैसे देता है।
रोता हूँ जब भी मैं किसी दर्द में,
आँचल ही आँसू पोंछ कैसे देता है।
                                                                     #महेन्द्रसिंह रघुवंशी    
परिचय : आपको लेखन कार्य-कविताओं से बहुत प्रेम हैl गांव में जन्मे महेन्द्रसिंह रघुवंशी की प्राथमिक शिक्षा गाँव से ही हुई  है,जबकि बीए और एमए छिन्दवाड़ा से किया हैl  हिन्दी लेखन में बचपन से ही रुचि रखने वाले महेन्द्र सिंह के पिताजी भी कविताएं रचते हैंl आपकी कविताओं का आकाशवाणी छिन्दवाड़ा से प्रसारण होता रहता हैl काव्य पाठ में कई प्रथम पुरस्कार भी मिले हैं। २०१५ में कलेक्टर के हाथों भी काब्यपाठ में प्रथम पुरस्कार एबं प्रमाण-पत्र भी पाया है। पिंडरई कलां गाँव के निवासी श्री ठाकुर वर्तमान में छिंदवाड़ा में ही फर्टिलाइजर्स एंड केमिकल्स की कंपनी में क्रिस्टल इंचार्ज पद पर कार्यरत हैंl        

 

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मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम समाचार पत्र के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्मे तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण ने 35 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। अब तक आप 15 पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं। इसके अलावा साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान, वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान, वर्ष 2025 में लघुकथा शोध केन्द्र भोपाल द्वारा विशिष्ट हिंदी सेवा सम्मान तथा वर्ष 2026 में वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑफ़ एक्सीलेंस, इंग्लैंड द्वारा सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही, लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी हैं। भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की माँग को लेकर आंदोलन भी चलाया है। वर्तमान में आप देशभर में हिन्दी आन्दोलन का नेतृत्व करने के कारण हिन्दी योद्धा के रूप में पहचाने जाते हैं।