विधायक जितेंद्र वर्मा की छवि धूमिल करने का प्रयास

आगरा ।

यह बात किसी से छिपी नहीं है कि कोरोनावायरस महामारी ने आम आदमी की कमर तोड़ कर रख दी है । पिछले दो वर्षों से आम आदमी का जीवन कांटो भरी डगर पर चल रहा है । आम आदमी की जमा पूंजी पूरी तरह से खत्म हो गई है और वर्तमान रोजगार- धंधे लगभग बंद हैं । संघर्षमय जीवन जी रहे आम आदमी को अधिक समय तक नहीं निचोड़ा जा सकता है । कुछ ऐसा ही हुआ, थाना – निबोहरा में… एक ग्रामीण युवक को चेकिंग के दौरान पुलिस ने रोका । युवक ने मास्क नहीं लगाया था । खाकी ने पूछा- मास्क क्यों नहीं लगाया । वही सवाल उस ग्रामीण युवक ने पुलिस से दोहरा दिया –  सर मास्क तो आपने भी नहीं लगाया । बस फिर क्या था, वहीं सड़क पर थर्ड डिग्री शुरू । जब खाकी लट्ठ चटका-चटकाकर  थक गई तो उस ग्रामीण युवक को लॉकअप में बंद कर दिया ।
 इस घटना की जानकारी जब क्षेत्रीय विधायक जितेंद्र वर्मा को पता चली तो वे भी घटनास्थल पर पहुंच गये और दोषी पुलिसकर्मी को लाइन हाजिर होना पड़ा । इसी बीच जनता को समझाते हुए उन्होंने कहा कि अगर किसी चौराहे या स्थान पर इस तरह के भ्रष्ट पुलिसकर्मी जनता को परेशान करें तो मुझे सूचित करें । तुरंत कार्यवाही करवाने का प्रयास किया जाएगा । वहीं ईमानदार पुलिस कर्मियों की उन्होंने सराहना भी की । साथ ही जनता से अपेक्षा की कि कोरोनावायरस से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग ने जो निर्देश दिए हैं, जनता उनका पालन करे । इसी घटना का वीडियो विधायक के विरोधियों ने कांट-छांट कर स्थानीय मीडिया व सोशल मीडिया पर वायरल करा दिया । 
आपको बता दें कि विधायक जीतेंद्र वर्मा अपने सामाजिक कार्यों व जमीन से जुड़े नेता के तौर पर पहचाने जाते हैं । यही बात उनके विरोधियों को हजम नहीं होती । वे हमेशा विज्ञापन बाजी से दूर रहते हैं । 
पिछले वर्ष जब संपूर्ण लाॅक डाउन लगा था तब जनपद का कोई नेता दूर-दूर तक दिखाई नहीं देता था, चाहे वो किसी भी पार्टी का रहा हो । उस समय सड़कों पर, गली- मोहल्लों में विधायक जितेंद्र वर्मा राशन बांट रहे थे, लंगर चला रहे थे । उनके इन्हीं कार्यों से प्रभावित होकर मैंने उनकी एक खबर लिखी थी, बगैर उनकी अनुमति के, वैसे अच्छे कार्यों के प्रचार- प्रसार के लिए किसी अनुमति की आवश्यकता नहीं पड़ती । जब मुझे उपर्युक्त घटना के संबंध में जानकारी हुई तो पुनः एक साल बाद यह खबर उनके लिए लिखनी पड़ रही है । हालांकि मैं राजनैतिक घटनाओं पर अपनी कलम नहीं घिसता । परन्तु यह खबर आम जनमानस से जुड़ी होने की वजह से मुझे लिखनी पड़ी । स्थानीय मीडिया को विज्ञापनों व चाटुकारिता के लालचरुपी मकड़ जाल से बाहर निकलना चाहिए । और आम जनमानस से जुड़ी खबरों को प्राथमिकता देनी चाहिए । 
आपको बता दें कि जनता ने विधायक जितेंद्र वर्मा का समर्थन किया है, तो अन्य कुछ लोगों का मानना है कि उनका वह बयान राजनीति से जुड़ा है । खैर मामला जो भी रहा हो, घटना का प्रारंभ तो आम जनमानस से जुड़ा है और हमारा कर्तव्य है कि देश- दुनिया को पूरी घटना से अवगत कराया जाये। यह बात किसी से छिपी नहीं है कि देश भर में रोज पुलिसिया कारनामें उजागर हो रहे हैं । चंद मुट्ठीभर भ्रष्ट पुलिस कर्मियों की वजह से पूरा पुलिस विभाग बदनाम होता है । ऐसे रिश्वतखोरों पर उच्चाधिकारियों को नकेल कसनी चाहिए ताकि जनता सेना की तरह पुलिस को भी सम्मान की दृष्टि से देखे ।
# मुकेश कुमार ऋषि वर्मा

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शुभ प्रभात

Thu Jul 15 , 2021
उगता सूरज दिखा रहा है,जादू अपनी किरणों से, ओस के मोतियों को,पिरोता है अपनी किरणों से। बिगुल बजा देता है,उठो भोर अब हो गई है दोस्तो अलसाई आंखो से नींद चुरा लेता अपनी किरणों से।। आर के रस्तोगी गुरुग्राम

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मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम समाचार पत्र के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्मे तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण ने 35 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। अब तक आप 15 पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं। इसके अलावा साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान, वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान, वर्ष 2025 में लघुकथा शोध केन्द्र भोपाल द्वारा विशिष्ट हिंदी सेवा सम्मान तथा वर्ष 2026 में वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑफ़ एक्सीलेंस, इंग्लैंड द्वारा सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही, लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी हैं। भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की माँग को लेकर आंदोलन भी चलाया है। वर्तमान में आप देशभर में हिन्दी आन्दोलन का नेतृत्व करने के कारण हिन्दी योद्धा के रूप में पहचाने जाते हैं।