नवनिर्वाचित सांसदों से जनता का अनुरोध

vaishwik
नई लोकसभा के चुनाव परिणाम आ चुके हैं। यह हर्ष का विषय है कि राष्ट्रीयता व देश-प्रेम इन चुनावों में प्रमुखता से उभर कर आए हैं । यह सार्वभौमिक सत्य है कि भाषा-संस्कृति किसी भी देश की राष्ट्रीयता का प्रमुख आधार होते हैं। भाषा के माध्यम से संस्कृति आगे बढ़ती है जो राष्ट्रीयता की जड़ों को मजबूत करती है। इसलिए सभी नव-निर्वाचित सांसदों से अनुरोध है कि सशक्त राष्ट्र के लिए सभी स्तरों पर भारतीय भाषाओं को अपनाएँ और आगे बढ़ाएँ।

जनतंत्र अर्थात जनता के लिए, जनता के द्वारा, जनता का शासन। लेकिन जनता की भाषा में ही न हो । उसी के द्वारा और उसी के लिए और विदेशी भाषा के चलते उसे ही कुछ पता नहीं, तो जनतंत्र कैसे ? यह जनतंत्र के साथ धोखा है। विश्व में शायद ही कोई ऐसा जनतंत्र होगा जहाँ जनता के लिए, जनता के द्वारा, जनता का शासन जनता की भाषा में न हो। इसलिए सभी नवनिर्वाचित सामसदों से अनुरोध है कि जनतंत्र की रक्षा व जन-अधिकारों की रक्षा के लिए सभी सेवाओं – सुविधाओं व सूचनाओं के साथ-साथ शिक्षा व रोजगार के लिए जनभाषा अर्थात देश-प्रदेश की भाषाओं को प्राथमिकता दें। इसके लिए जन-भावनाओं का सम्मान करते हुए सभी कारगर कदम उठाएँ।
जनता द्वारा सांसद चुने जाने पर सभी नवनिर्वाचित
सांसदों का हार्दिक अभिनंदन व शुभकामनाएँ।

matruadmin

Next Post

माँ 

Sun May 26 , 2019
माँ तुमसा कोई नही,, ना जाने कितनी रात तुम मेरे खातिर सोई नही,, अवगुण मेरे सिर्फ तुमको ही नही दिखते,, तुम्हारे सिवाय मेरा कोई ठोर नही।। मै भुखा होऊंगा शायद,, ये सोचकर ही भुख लगने पर भी खाती एक कौर नही,, टिका दरवाजे पर कान आहट मेरी पाने को,, इंतजार […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम समाचार पत्र के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्मे तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण ने 35 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। अब तक आप 15 पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं। इसके अलावा साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान, वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान, वर्ष 2025 में लघुकथा शोध केन्द्र भोपाल द्वारा विशिष्ट हिंदी सेवा सम्मान तथा वर्ष 2026 में वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑफ़ एक्सीलेंस, इंग्लैंड द्वारा सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही, लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी हैं। भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की माँग को लेकर आंदोलन भी चलाया है। वर्तमान में आप देशभर में हिन्दी आन्दोलन का नेतृत्व करने के कारण हिन्दी योद्धा के रूप में पहचाने जाते हैं।