मातृभाषा उन्नयन सम्मान का आयोजन हुआ दिल्ली में

0 0
Read Time3 Minute, 25 Second

IMG-20190114-WA0150

# ३० रचनाकारों की प्रकाशित किताबों के लिए मिला मातृभाषा उन्नयन सम्मान

# साझा संग्रह मातृभाषा भाग २ का भी विमोचन हुआ

इंदौर ।

नगर की प्रतिष्ठित एवं हिन्दी आंदोलन के लिए सक्रीय साहित्यिक संस्थान मातृभाषा उन्नयन संस्थान द्वारा वार्षिकी का आयोजन ५ जनवरी २०१९ को दिल्ली के एन डी तिवारी भवन में वरिष्ठ पत्रकार डॉ वेद प्रताप वैदिक, साहित्यकार डॉ लक्ष्मीशंकर बाजपेयी, साहित्यकार अतुल प्रभाकर, फिल्म अभिनेत्री व साहित्यकार उर्मिला माधव के आतिथ्य में “मातृभाषा उन्नयन २०१९ सम्मान” ३० साहित्यकारों दिया गया साथ ही उनकी 30 पुस्तकों का विमोचन भी हुआ।

हिंदी भाषा को प्रचारित एवं प्रसारित करने के उद्देश्य से संचालित मातृभाषा.कॉम द्वारा अपने वार्षिक आयोजन में ३० साहित्यकारों की निजी पुस्तक का विमोचन भी किया एवं साथ हिन्दी प्रचार हेतु लिखी कविताओं का साझा संग्रह मातृभाषा.कॉम (भाग २) का भी विमोचन अतिथियों द्वारा किया गया।  मातृभाषा.कॉम द्वारा प्रद्दत मातृभाषा उन्नयन सम्मान में डॉ. वासिफ काज़ी, अनिता मंदिलवार सपना, नीरजा मेहता ‘कमलिनी’, शशिकला व्यास (भोपाल), पूनम (कतरियार), रिखबचन्द राँका ‘कल्पेश’, डॉ. ऋचा त्रिपाठी, प्रीति हर्ष, आरती तिवारी, धनराज वाणी, वंदना गुप्ता, डी. कुमार ‘अजस्र’,.नवनीता कटकवार,अशोक महिश्वरे, डॉ. उपासना पाण्डेय, डॉ. भारती वर्मा बौड़ाई, शिखा सिंह भारद्वाज, उर्मिला मेहता, नीता त्रिपाठी, वसुंधरा राय, नरेंद्रपाल जैन, वर्षा अग्रवाल, रिंकल शर्मा, अदिति रूसिया,अंजलि वैद, प्रिया यश सम्मानित हुए।  इन सभी रचनाकारों की १६ पृष्ठों की निजी एकल लघु पुस्तिका भी विमोचित हुई। इन्ही के साथ रक्षित दवे की गुजराती अनुवादित पुस्तक काव्यपथ जिसे मुलत: डॉ अर्पण जैन ‘अविचल’ ने लिखा वह भी विमोचित हुआ।

इसके अतिरिक्त देवास के पत्रकार और खबर हलचल न्यूज के प्रदेश संपादक प्रिंस बैरागी, संवाददाता लक्ष्मण जाधव , कश्मीर संवाददाता शाह एजाज को संस्थान द्वारा उत्कृष्ट हिन्दी पत्रकारिता हेतु भाषा सारथी सम्मान दिया। आयोजन का संचालन अंतराष्ट्रीय हास्य कवि दिनेश देहाती ने किया व आभार संस्थापक डॉ अर्पण जैन ‘अविचल’ ने माना।

 

matruadmin

Average Rating

5 Star
0%
4 Star
0%
3 Star
0%
2 Star
0%
1 Star
0%

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Next Post

सौगंध

Fri Jan 18 , 2019
“लिये है सात फेरें सात वचनो को निभाऊँगी जाओगें जब सरहद पर आँसू नही बहाऊँगी तुम लौटकर आओ तो हाथों में तिरंगा रखना खाली नहीं आना…. चाहे तिरंगा ओढ़़कर आना” ………………………… किया था तुमने वादा वादा है तुमने निभाया सीने पर खाकर गोली वतन को अपने बचाया उजड़ा है सिन्दुर […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

29 अप्रैल, 1989 को मध्य प्रदेश के सेंधवा में पिता श्री सुरेश जैन व माता श्रीमती शोभा जैन के घर अर्पण का जन्म हुआ। उनकी एक छोटी बहन नेहल हैं। अर्पण जैन मध्यप्रदेश के धार जिले की तहसील कुक्षी में पले-बढ़े। आरंभिक शिक्षा कुक्षी के वर्धमान जैन हाईस्कूल और शा. बा. उ. मा. विद्यालय कुक्षी में हासिल की, तथा इंदौर में जाकर राजीव गाँधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के अंतर्गत एसएटीएम महाविद्यालय से संगणक विज्ञान (कम्प्यूटर साइंस) में बेचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कंप्यूटर साइंस) में स्नातक की पढ़ाई के साथ ही 11 जनवरी, 2010 को ‘सेन्स टेक्नोलॉजीस की शुरुआत की। अर्पण ने फ़ॉरेन ट्रेड में एमबीए किया तथा एम.जे. की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। उन्होंने सॉफ़्टवेयर के व्यापार के साथ ही ख़बर हलचल वेब मीडिया की स्थापना की। वर्ष 2015 में शिखा जैन जी से उनका विवाह हुआ। वे मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं और हिन्दी ग्राम के संस्थापक भी हैं। डॉ. अर्पण जैन ने 11 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्डस, लन्दन द्वारा विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया।