जिंदगी के खेल में मात हुई………….

omprakash binjve

जिंदगी के खेल में मात हुई, तजुर्बा तो हुआ।
उन्हें हम से चाहत नही, फैसला तो हुआ।

वो कुबूल करे के न करे,ये उन की है मर्जी,
हर अंजुमन में, मौहब्बत का चर्चा तो हुआ।

अब भी आते है उन के ख्वाब पिछले पहर,
वो दिल से दूर नही, नजर का फासला तो हुआ।

जिंदगी के मसअलों में रहते है मशरूफ,
माजी को भुलाने का अब ये भी रास्ता तो हुआ।

लौटा हूँ मै अपने गाँव, एक मुद्दत के बाद,
माँ की पथराई आँखों से फिर सामना तो हुआ।

#ओमप्रकाश बिन्जवे ” राजसागर “

नाम – ओमप्रकाश बिन्जवे ” राजसागर “
व्यवसाय – पश्चिम मध्य रेल में बनखेड़ी स्टेशन पर स्टेशन प्रबंधक के पद पर कार्यरत
शिक्षा – एम.ए. ( अर्थशास्त्र )
वर्तमान पता -भोपाल( म . प्र .)
रूचि – लेखन , फिल्म निर्माण, पर्यटन, संगीत
लक्ष्य – फिल्म निर्माण, म्यूजिक स्टूडियो, पुस्तक प्रकाशन
उपलब्धि
पूर्व सम्पादक मासिक पथ मंजरी भोपाल
पूर्व पत्रकार साप्ताहिक स्पूतनिक इन्दौर
प्रकाशित पुस्तकें
खिडकियाँ बन्द है (गज़ल सग्रह )
चलती का नाम गाड़ी (उपन्यास)
बेशरमाई तेरा आसरा ( व्यंग्य संग्रह)

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संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम समाचार पत्र के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्मे तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण ने 35 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। अब तक आप 15 पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं। इसके अलावा साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान, वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान, वर्ष 2025 में लघुकथा शोध केन्द्र भोपाल द्वारा विशिष्ट हिंदी सेवा सम्मान तथा वर्ष 2026 में वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑफ़ एक्सीलेंस, इंग्लैंड द्वारा सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही, लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी हैं। भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की माँग को लेकर आंदोलन भी चलाया है। वर्तमान में आप देशभर में हिन्दी आन्दोलन का नेतृत्व करने के कारण हिन्दी योद्धा के रूप में पहचाने जाते हैं।