—————– भूखे खड़े कतार में, आकांक्षा जहाँ अनेक ! फल फूल बेलपत्र चढ़े जल से हो रहे, बम-बम का अभिषेक !! ……………………. जिसने भी दुख में किया, बम-बम भोले का ध्यान उसका सदा हुआ है कल्याण। ……………………… भूत-प्रेत-पिशाच पशु और नाग, सभी बम-बम के साथ ! जो शंकर को बनाते […]

हे लाल उठों, काल उठों,उठों हिम विशाल भारत की सुप्त आत्माओं, जागों बन ज्वाल । आंतकवाद, नक्सलवाद पनपा बनकर ताड़ भस्मासुर  घूम  रहें  लगाने खौंफ की चौपाल ।। सूख रहें  एकता – प्रेम – भाईचारे के ताल शांति के मधुबन में इंसानियत बन बैठी चांडाल । नौनिहाल हो रहें गुमराह […]

गरजा नभ मंडल में मिराज,. हुआ देख दंग पाक राफ़ेल बाक़ी है अब भी,. हरकत ना कर नापाक आतंकी हरकतें तेरी ए, घनघोर मिसाइल बरसी तेरी आदत है असुरी, देख हिंद क्या क्या करसी सिर्फ़ वायु सेना ही बरसी, वो भी तुम्हें भारी पड़ी पाक तेरे आगे अब, जल,. थल […]

(1)सरहद से      फहरा के तिरंगा       आया है वीर         (2)जब दो हद      आपस में मिलती      है सरहद      (3)है बेशुमार      सरहद के पार       आतंकवाद        (4)जहाँ हो स्वार्थ     […]

सुनो वीर फौजी  तुम्हारे लिए। जला दीप घी के सभी ने दिए। तुम्ही  से रहेगी  सुरक्षा  सखे। सदाचार   सारे     हमारे  रखें। बढ़े देश की  शान वीरों चढ़ो। रखो  मान  ईमान  पंथी बढ़ो। नही भूलना  गान  पंछी  कहे। वही पातकी  पाक  पीछे रहे। सखे भारती  आरती धारती। भला चाहती भावना पालती। […]

सच पूछो तो भगत सिंह तेरे अरमानों का खून हुआ है तेरे बलिदान को अनदेखा किया है तेरे खून के कतरा-कतरा को नीलाम किया है | आजाद हिंदुस्तान के नेताजी ने आजादी को खूब भुनाया स्विस बैंक में खाता खुलवाया फिर उसको भरने के वास्ते घोटालों का रिकार्ड बनाया | […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम पत्रिका के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। साथ ही लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्में तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण जैन ने 30 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से डॉ. अर्पण जैन पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान व वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान से सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी है। साथ ही, भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग को लेकर आंदोलन भी चलाया है।