पहला पल, पहली घड़ी माँ का आँचल थामा था अजीब सी अनुभूति थी माँ ने भी यह माना था भुला दी तकलीफें सारी अभी-अभी माँ ने झेली थी सकूँन का वह पल था झोली में खुशियाँ खेली थी छलक पड़े आँसू भी नयन जो कल सूखे थे फुट पड़ी दूध […]
काव्यभाषा
काव्यभाषा
राधे-राधे बोलिये,राधे में आधार। राधे रूपी जापना,राधे में संसार।। राधे वाणी राखिये,राधे से यशगान। राधे दी है जिंदगी, राधे में बलिदान।। राधे मे है एकता, राधे में घनश्याम। राधे की सारी कृपा,राधे से हर काम।। राधे का सुमिरन करें,राधे बड़ी महान। विपदायें राधे हरे,राधे नहिं अनजान।। #नवीन कुमार भट्ट परिचय […]
