इस तरह से घयाल मत करो। दिल मेरा नाजुक है, कही टूट न जाये। और जो बन रही है बात। कही वो बीच में, छूट न जाये।। कोई तो होगा आपके दिल में। जिसके लिए आपका, दिल धड़कता होगा। तुम अपना दिल, जिसको दोगे इससे पहले। इस न चीज पर, […]
दुसरो की खुशी जो छीनते स्वयं में खुश न रह पाएंगे अहित जो दूसरों का करते हित अपना भी न कर पाएंगे अपने होकर जो बुरा करते अच्छे कभी न बन पाएंगे नकारात्मक जब तक रहेंगे सकारात्मक नही बन पाएंगे अपनो का ही नही गैरो का भी भला सोचते है […]
दर्द ज्यादा हो तो बताया कर ऐसे तो दिल में न दबाया कर रोग अगर बढ़ने लगे बेहिसाब एक मुस्कराहट से घटाया कर तबियत खूब बहल जाया करेगी खुद को धूप में ले के जाया कर तरावट जरूरी है साँसों को भी अंदर तक बारिश में भिंगोया कर तकलीफें सब […]
बाहर निकलो घर से मतदान करते चलो अपने दम पर नये कर्मठ सरकार बनाते चलो। खूबसूरत लोकतंत्र का तुम ही निर्माता हो प्रगति के पथ का तुम ही मार्ग दर्शक लोकतंत्र के पावन पर्व में अपना कर्तव्य निभाते चलो। एक भी लोग न छुटने पाए ऐसा प्रेम दिखाते चलो अपने […]
शब्दों ने ओढी खामोशी बोले मेरी निगाहें। मेहंदी, कंगना, कजरा, गजरा फूल तुम्हें छूने को आतुर अल्हा , कजरी, फाग सभी के शरमीले से लगते है सुर नजर, नजर से कहे, नजारे हम तो कुछ न चाहे शब्दों ने ओढी खामोशी बोले मेरी निगाहें । तुम्हे देखकर भोर सुहाए सांझ […]
चुनावों का मौसम चल रहा है, वोटों की गर्मा-गर्मी है! किसान का हाल देखो, उसकी नस नस में तना-तनी है!! नेता वोट बटोरने में हैं व्यस्त, जा रहे हैं ये जनता के द्वार! किसान को लपेटा आग ने, तो कभी पड़ी ओलों की मार!! दिन-रात कुर्सी के लिए, ये सफेदपोश […]
मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम पत्रिका के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। साथ ही लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए।
आप 29 अप्रैल को जन्में तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण जैन ने 30 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से डॉ. अर्पण जैन पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान व वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान से सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं।
कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी है। साथ ही, भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग को लेकर आंदोलन भी चलाया है।