जन-जन में जागृत हो,वृक्ष के प्रति सम्मान। धूप ताप से आराम दे,जलवायु हो समान।। सादा विचार रख के, सबका करो उपकार। पेड़ में भी प्राण है, देता लाभ हजार।। सबको है आभास यह,फिर भी मन में न विचार। साफ सफाई में मग्न हो, पेड गिराये हजार।। ———— निष्कर्ष ———- राष्ट्रवाद […]
काव्यभाषा
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