प्रकृति को सहेजने को अब सब मिलके तैयार हो, विनाश ना हो प्रकृति का यह प्रयास बार – बार हो, जागो सभी बचाओं अब इस सृष्टि के आधार को, पेड़ लगाओ और बचाओ जीवन और संसार को, पेड़ कट रहें है अंधाधुंध अब  तेजी  से   चहुंओर, जंगल करके साफ फैक्ट्रियां […]

विश्व पर्यावरण दिवस पर आओ वन और जीव को बचाने का संकल्प लें । मैं संकल्प लेता हूँ कि अपना जन्मदिन वृक्षारोपण करके मनाऊँगा और उनकी रक्षा करूँगा । और कभी जीव-जंतु को प्रताड़ित नहीं करूँगा ।।।। मुझको लगते है प्यारे , वन्यजीव देखो हमारे । अब इनको बचाना है […]

शब्द शब्द में सोचा तुम को फिर अक्षर अक्षर याद किया। प्रिय तुम्हारी खामोशी का ऐसे मैने एहसास किया।। तुम पर जब भी गीत लिखा। उस को लिखकर चुम लिया।। प्रिय तुम्हारी यादों को फिर अंतस मन से याद किया।। जहाँ मिले थे हम तुम पहले उस पल को फिर […]

सब कुछ करते अपने मन से। कुछ तो करो दुसरो के लिए काम। जिसमें हो सब की भलाई कुछ तो करो ऐसे तुम काम। लगाओ पेड़ पौधे और करो लोगों का जीवन खुश हाल।। अगर रहेगा हराभारा देश हमारा । तो जन जीवन होगा सदा समान । बिना किसी बीमारी […]

1- मंगल होते थे कभी जंगलों में नित-नित, धरा बंजर हुई जंगल उजड़ गए। पक्षियों के कलरव  कोयल की कुहू-कुहू, चीड़, सागौन कटे घोसले उजड़ गए।। पानी के बिना ही सारी सृष्टि का संकट बढ़ा, चन्द पैसों के लिए प्राणी ही उजड़ गए। शूल स्वयं बोते नर लालच में पड़कर, […]

न जाने फ़िज़ाओं में क्या हुआ होगा जब संदली हवाओं ने तुमको छुआ होगा आँखें लज़्ज़त,लब चाशनी,गाल गिलोई मिल कर तुमसे हरकत में हर रूआँ होगा जो देखे तुमको तुम में डूब जाया करे है शर्तिया ही इस बदन में कोई कुआँ होगा ऊँगलियाँ ठहर नहीं पाती उसकी तस्वीर पे […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम पत्रिका के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। साथ ही लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्में तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण जैन ने 30 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से डॉ. अर्पण जैन पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान व वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान से सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी है। साथ ही, भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग को लेकर आंदोलन भी चलाया है।