देखो आजकल के हालात पूछता है दिल ,पूछती है निगाहें ना जाने कितने सवाल टिक नहीं पाती आईने के आगे नजरें चुरा लेती हूँ अंदर दबाना चाहती हूँ आवाज फिर भी जाने कैसे छलक जाते हैं आंसू एक-एक बूंद से उभर आए अपने दबे हुए जज़्बात कहां छिपूं जाऊं कहां […]
काव्यभाषा
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