देख कर करतूत जमाने की, मेरा खून ख़ौल उठता है! कैसे पैदा करूँ मैं बेटी, एक बेबस बाप बोल उठता है!! अगर दुनिया में आयी मेरी  बेटी, ये दरिंदे जीने ना देंगे! ना सुख से रह पाएगी वो, घूंट पानी की पीने ना देंगे!! कहां छिपाऊँगा उस कली को,कहाँ-कहाँ साथ […]

सतयुग,त्रेता और द्वापर फिर कलियुग आ जाता है नई दुनिया बनाने को ईश्वर संगम  पर आता है संगम एक ऐसा युग है कलियुग को मार भगाने का विकारो से मिले मुक्ति ऐसा सदपाठ पढ़ाने का इस पुनीत कार्य को ईश्वर धरा पर आते है अज्ञानियों को ज्ञान देकर उन्हें गुणवान […]

खाके मीठे बेर शबरी के      प्रेम तत्व अपनाया था। छोड़ दुर्योधन के पकवान साग विदुर का खाया था।। शबरी की भक्ति राम ने      सहज प्रेम स्वीकारा था, नवधा भक्ति शबरी के     रोम रोम समाया था।। प्रभु भाव के भूखे        भक्ति से […]

टूट जाए जब कोई सपना तो मजबुर मत होना, दोष ना देना कभी ईश्वर का उनसे दूर मत होना, राह चलती गाड़ी कभी भी अपना आपा खो सकती है, मुश्किल तो मुश्किल है ये कभी भी हो सकती है, जब मुझे तोड़ा सपनों के इरादो ने, मै डूबा था अपनों […]

मिलावट का बाजार लगे लाला लगा धन कमाने में सारी सामग्री दवाओं में लिपटी जंग लग रही देश के होनहारो में। बढती रासायनिक प्रयोग अब सितम ढाने लगा दाल रोटी साग सब्जी फल भी जबसे रासायनिक प्रयोगो द्वारा उपजने लगा। बढ़ते रोगो से इंसान वक्त से पहले ही धरती से […]

बहुत अच्छा है कि खूबियाँ साथ ले के चलो मज़ा तो तब है कि खामियाँ भी साथ ले के चलो कामयाबी की तफ़्तीश पूरी नहीं हो सकती हो सके तो नाक़ामियाँ भी साथ ले के चलो नामदार होने का लुत्फ भी तभी है मियाँ जब कुछ बदनामियाँ भी साथ ले […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम पत्रिका के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। साथ ही लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्में तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण जैन ने 30 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से डॉ. अर्पण जैन पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान व वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान से सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी है। साथ ही, भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग को लेकर आंदोलन भी चलाया है।