अपने सुकून की बलि देकर, वो सबकी जान बचाता है, भूख प्यास भूल कर वो डॉक्टर होने का फर्ज निभाता है, दर्द से दवा तक का सफ़र था कड़ा, वो गिरा,लड़खड़ा के हुआ फिर खड़ा, तब हुआ जाके मेहनत से वो फिर बड़ा, माना वह एक डॉक्टर है, बेशक कोई […]
काव्यभाषा
काव्यभाषा
