वेणी* मिलती संगम में सरित, कहें त्रिवेणी धाम! तीन भाग कर गूँथ लें, कुंतल वेणी बाम! कुंतल वेणी बाम, सजाए नारि सयानी! नागिन सी लहराय, देख मन चले जवानी! कहे लाल कविराय, नारि इठलाती चलती! कटि पर वेणी साज, धरा पर सरिता मिलती! . 🤷🏻‍♀🤷🏻‍♀ . २. कुमकुम माता पूजित […]

बारिश हो जाये,गर्मी तो बहुत है | लोगो के जमीर पर,धूल बहुत है || लगता है गुलाब सभी को अच्छा | पर उसके दामन में सूल बहुत है || जिन्दगी जीते है,लोग अपने हिसाब से | पर जिन्दगी जीने के लिये रूल बहुत है || भूल जाता है,इंसान अपनी भूलो […]

कोई कहता है मरा हिन्दू कोई कहता मुसलमान मरा हैअरे कोई ये क्यूं नहीं कहता आज फिर इक इन्सान मरा है कोई कहता ब्राह्मण मरा है मरा है कोई कहता ठाकुरन ब्राह्मण न ठाकुर मरे हुए गांधी का हिन्दुस्तान मरा है न अम्बेडकर का शूद्र सिद्धांत न मनु की मनुस्मृति […]

नाम खुद की हँथेली पर उनका लिखा,तब से बेचैन वो नींद जाने लगी। उनसे पूँछा नहीं पर पता चल गया,ज़िन्दगी नेह में गुनगुनाने लगी। * ज़ादुई रंग शायद है दिल में चढ़ा, अड़ गये हाथ उनका वो कल थामने। बात ऐसी हुई खाइयाँ थी बहुत, साथ मे ऐसा कुछ था […]

स्वर्ग से सुंदर प्यारा-न्यारा अपना घर छोटा हो या हो बड़ा कच्चा हो या हो पक्का जैसा भी हो कैसा भी हो सबसे बढ़िया होता अपना घर सुख-शांति असीम तृप्ति आनन्द की खान अपना घर जाड़ा-गर्मी और बरसात से सहज बचा लेता अपनों के प्यार-स्नेह से महक उठता घर घर […]

हँसता हुआ चेहरा, प्यारा लगता है। तेरा मुझे देखना, अच्छा लगता है। घायल कर देती है तेरी आँखे और मुस्कान। जिसके कारण पूरा दिन, सुहाना लगता है।। जिस दिन दिखे न तेरी एक झलक। तो मन उदास सा, हो जाता है। क्योंकि, आदि सा हो गया है, तुम्हे देखने को […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम पत्रिका के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। साथ ही लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्में तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण जैन ने 30 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से डॉ. अर्पण जैन पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान व वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान से सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी है। साथ ही, भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग को लेकर आंदोलन भी चलाया है।