जिनको हमने दोस्त बनाया , वही पीठ पर भोके खंजर। जिनको हमने अपना माना उनके हाथ खून से लता पथ। देखो चीन पुनः सीमा पर, युद्ध करने के लिए आया है । भारत ने भी ठान लिया है , अक्साई भारत बनाना है ।। तम्बू गाड़े या बनाये बंकर , […]
जिस प्रकार बहरूपिया बदल लेता है नित अपना रूप इसी प्रकार प्रकृति भी लेती है बदल नित नया रूप कभी हवा सुहावनी कभी धूल भरी आंधी कभी शीत-लहर कभी झुलसाती लू कभी धुंध कभी बरसात कभी ओलावृष्टि कितने रूप बदलती है प्रकृति विनोद सिल्ला फतेहाबाद (हरियाणा) Post Views: 61
तू तो मुझको याद है चाहे, याद मेरी तुझे न आये इतना सदा याद रखना कि, तुझ बिन कुछ भी ना भाये। बरसातें ये रिमझिम रिमझिम, कतरा कतरा यादें हैं बारिश की बूंदों सी टिप-टिप, आंख से गिरते वादे हैं थोड़ा भी ना बदल सके हम, आज भी कितने सादे […]
गुरु बिन न बुद्धि मिले,गुरु बिन न होए ज्ञान। गुरु बिन न पथ मिले,गुरु बिन न मिटे अज्ञान।। गुरु तीनों देव है,इससे बड़ा जग में न कोय। जो इसकी शरण मेंजाए,उसका हित होय।। मां सबसे पहली गुरु है,जो सिखाती सब ज्ञान। उसकी पहले वंदना करो,जो रखे तुम्हारा ध्यान।। गुरु की […]
एक दफा, हम राह पर चल रहे थे तो एक नजारा मिला, नजारे को गौर से देखा तो एक घूमता हुआ परवाना मिला । हम तो यूं ही उसकी तरफ चले जा रहे थे, लेकिन जब वहां पहुंचे तो एक ना भुलाएँ जाने वाला अफसाना मिला ।। जब उस अफ़साने […]
कदम्ब की डाल पर डोलती कोयल। पीऊ- पीऊ, कुहू- कुहू बोलती कोयल।। सुख – दुख में शुभ गीत गाने वाली। थके मादे लोगों को झुमाने वाली।। इस डाल से उस डाल पर डोलती कोयल। पीऊ- पीऊ, कुहू- कुहू बोलती कोयल।। नीरस पल में भी रस पाने वाली। ऋतुराज के संदेश […]
मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम पत्रिका के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। साथ ही लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए।
आप 29 अप्रैल को जन्में तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण जैन ने 30 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से डॉ. अर्पण जैन पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान व वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान से सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं।
कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी है। साथ ही, भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग को लेकर आंदोलन भी चलाया है।