जिस समय ग्रामीण पत्रकारिता का कहीं नामोनिशान नहीं था, उस समय सहकारिता विभाग की नौकरी छोड़कर डॉ एन आर गोयल ने ग्रामीण पत्रकारिता का चुनौती भरा मार्ग अपनाया और ‘ग्रामीण जनता ‘समाचार पत्र के माध्यम से उत्तर प्रदेश व उत्तराखंड में गरीबों ,किसानों , मजदूरों और शोषितों की आवाज बनने […]

संसद ने पिछले बजट सत्र में एक ऐतिहासिक फैसला लेते हुए भारतीय राज्य जम्मू कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 और 35(A) को राष्ट्रपति के द्वारा अनुच्छेद 370 (1) में वर्णित अधिकारों के तहत तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया है । बजट सत्र में एनडीए […]

गांव की मिट्टी में जन्मे थे गजब उनकी कहानी थी गांव ,किसान की आवाज बने सच्चाई उनकी जुबानी थी उत्पीड़न, अन्याय, विसंगति जब देखी उन्होंने गांव में सहकारिता की नोकरी छोड़ी अलख जगाई थी गांव में किसान मजदूर की ख़बरे छापी ग्रामीण जनता अखबार में जीवन पर्यन्त संघर्षशील रहे खुद्दारी […]

छोड़ नफरत, प्यार का चलन रहने दो । अमन शांति का अपना वतन रहने दो ।। रिश्ते प्रीत के सभी से निभाते रहिए । ये समझ लो पाक अपना मन रहने दो ।। कामना करते रहें खुश रहे ये जमाना । धरती सुनहरी , नीला गगन रहने दो ।। अपनेपन […]

नगदी के नाम पर उधारी कुछ ज्यादा है यारी के नाम पर मक्कारी कुछ ज्यादा है। .. .. साहित्य मे भी होने लगे है घपले-घोटाले कविता के नाम पर कलाकारी कुछ ज्यादा है। .. . वो डिजिटल इंडिया का कर रहे है वादा पर देश-प्रदेश मे बेरोजगारी कुछ ज्यादा है। […]

गीत लिखता हूँ मैं, और गाता हूँ मैं। मेरी कल्पना हो तुम, मेरा आधार तुम। तुमको देखकर ही मैं लिखता हूँ । अब तुम रुठ गए तो लिखे कैसे हम।। तुम मेरी प्रेरणा, तुम मेरी पूजा हो। तुम्हारे बिना मैं अधूरा हूँ। कैसे में अब लिखू , गीत मनहर के। […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम पत्रिका के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। साथ ही लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्में तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण जैन ने 30 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से डॉ. अर्पण जैन पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान व वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान से सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी है। साथ ही, भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग को लेकर आंदोलन भी चलाया है।