तेरी राह का पत्थर ही सही, तेरी राह में तो हूँ तू खूब कोसा करे ही सही, तेरी आह में तो हूँ चोरी किए हुए मेरे ही शेर अच्छे लगते हैं तुम्हें महफ़िल को छोडो मगर मैं तेरी वाह में तो हूँ तारीखें दिलों दिमाग से मिटा भी दिया तो […]
ख़ुशी बहुत है आज हम सब को, मना जो रहे है स्वंत्रता दिवस को। पर मिली कैसे हमे ये आज़ादी, जरा नजर तुम इतिहास पर डालो।। न जाने कितनी मांओ की उजड़ गई गोदे । न जाने कितनी माँगे उजड़ा गई आज़ादी में । उठ गया सिर पर से साया […]
भाव सुरक्षा चाहती, बहिना रहे अधीर। बदले गुरु आशीष दे, रहे सलामत बीर।। (बीर~भाई) त्याग मान मनुहार सें, सदा निभाती नेह। पीहर मय ससुराल में, बहिना देह विदेह।। एक बेस ले भेंट में, लख लख दे आशीष। ऐसी होती है बहिन, नमन इन्हे नतशीश।। (बेस~ पर्व या किसी भी अवसर […]
‘मुझे क्षमा कर दिजिए मेरी वजह से आपको दुःख पहुँचा’ यह कहना बड़े साहस का काम है।शायद इसी लिए क्षमा को वीरों का आभूषण कहा गया है। क्षमा करना उतना कठिन नहीं है जितना क्षमा मांगना। गलती करना मानव की स्वाभाविक प्रवृत्ति है। हम सभी अहंकार या प्रमादवश गलती करते […]
विघ्नहर्ता , शुभकर्ता मोदकप्रिय गण नायक हो पूजा से पहले पूजा तुम्हारी ऐसे तुम अधिनायक हो माता- पिता का मान बढाते उन्ही की परिक्रमा कर आते पुत्र रूप में कीर्ति तुम्हारी शंकर -पार्वती के उत्तराधिकारी सद्गुणी है गणवेश तुम्हारा कार्तिकेय से पहले नाम तुम्हारा मनोकामना के तुम हो स्वामी मूषक […]
जितनी है पाक औकात तेरी,उतनी कर अब तू बात | तीन युद्ध हार चुका है,कितनी खायेगा अब तू मात || बना है तू सेना की कठपुतली,तेरे नहीं कोई साथ | ले देके एक चीन बचा है,जिससे मिलाया तूने हाथ || देता है न्यूकिल्यर की धमकी,तू उसको भी छुटा कर देख […]
मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम पत्रिका के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। साथ ही लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए।
आप 29 अप्रैल को जन्में तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण जैन ने 30 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से डॉ. अर्पण जैन पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान व वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान से सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं।
कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी है। साथ ही, भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग को लेकर आंदोलन भी चलाया है।