वीर विनायक दामोदर सावरकर दो आजन्म कारावास की सजा पाकर कालेपानी नामक कुख्यात अन्दमान की सेल्युलर जेल में बन्द थे। वहाँ पूरे भारत से तरह-तरह के अपराधों में सजा पाकर आये बन्दी भी थे। सावरकर उनमें सर्वाधिक शिक्षित थे। वे कोल्हू पेरना, नारियल की रस्सी बँटना जैसे सभी कठोर कार्य […]
गुरव समाज द्वारा अपनी बोली और संस्कृति को सहेजने के लिए गुरव संस्कृति ग्रन्थ का निर्माण किया गया था। इसी ग्रन्थ के सम्पादक मनीष निमाडे को सोमवार को महाराष्ट्र के पुणे में आपना शोध लेख प्रस्तुत करने का अवसर मिला। युनेस्को आधारित अंतरराष्ट्रीय संस्था द्वारा आयोजित प्रोग्राम मेरी सांस्कृतिक पहचान – मेरा […]
