आंखे तो प्यार में, दिलकी जुवा होती है। सच्ची चाहत भी, तो बेजुवा होती है। प्यार में दर्द भी मिले, तो क्या घबराना। सुना है दर्द से चाहत, और जबा होती है।। प्यार की प्यास को, दिल वाले जानते है। जो आंखों से कम, दिलसे पीना जानते है। मोहब्बत होती […]
देवर्षि नारद अनेक कलाओं और विद्याओं में में निपुण हैं। ये वेदांतप्रिय, योगनिष्ठ, संगीत शास्त्री, औषधि ज्ञाता, शास्त्रों के आचार्य और भक्ति रस के प्रमुख माने जाते हैं। देवर्षि नारद को श्रुति-स्मृति, इतिहास, पुराण, व्याकरण, वेदांग, संगीत, खगोल-भूगोल, ज्योतिष और योग जैसे कई शास्त्रों का प्रकांड विद्वान माना जाता हैं। […]
