लौट के आ , लौट के आ , लौट के आ/ आ लौट के आज गुरुवर, तुम्हे बीना नगरी बुलाती है / जैसे की तैसी पढ़ी जब से , यहाँ से गए हो आप तब से / आ लौट के आज गुरुवर, तुम्हे बीना नगरी बुलाती है // वर्षे नयन […]
इंदौर(कीर्ति राणा) । शहर में आए दिन कथा-प्रवचन-भंडारे तो होते रहते हैं लेकिन हैप्पी स्वामी की बातें एक तरह से ठहाकों का भंडारा था। लगा नहीं किसी संत को सुन रहे हैं, अहसास होता रहा अपने घर का कोई बुजुर्ग तीर्थाटन के बहुत दिनों बाद अपने बीच आया है और […]
सुबह-सुबह पड़ती है कानों में गुरद्वारे से आती गुरबाणी की आवाज तभी हो जाती है शुरु मंदिर की आरती दूसरी ओर से आती हैं आवाजें अजानों की नहीं समझ पाता किस से मिल रही है क्या शिक्षा सब आवाजें मिलकर बना डालती हैं धर्म की खिचड़ी #विनोद सिल्ला […]
अरसे बाद अभिनेता नाना पाटेकर बनाम गुमनाम सी हो चुकी अभिनेत्री तनुश्री दत्ता प्रकरण को एक बार फिर नए सिरे से सुर्खियां बनते देख मैं हैरान था। क्योंकि भोजन के समय रोज टेलीविजन के सामने बैठने पर आज की मी टू से जुड़ी खबरें… की तर्ज पर कुछ न कुछ […]
(लय :-तेरे चेहरे से नजर नहीँ हटती नजारे हम क्या देखें) प्यारे भारत ,प्यारे भारत ,तुझपे मैं कुरबां कुर्बानी कोई क्या देखे । मेरे दिल पे ये तेरे ही निशां निशानी कोई क्या देखे । धरती पे तेरी ये मुल्क समाया है ,सारी ही दुनियां में हमको ये भाया है […]
अभी रावण का पुतला जला है हादसा मेरे भाई कहां फिर टला है कई रावण फिर से जिंदा मिलेंगे बुराई का जहां में अभी सिलसिला है दानव ही दानव नजर आ रहे हैं सर पे हमारे अभी कोई बला है उजाले रहे देखो चंद ही पलों के हुआ अंधकार फिर […]
मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम पत्रिका के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। साथ ही लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए।
आप 29 अप्रैल को जन्में तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण जैन ने 30 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से डॉ. अर्पण जैन पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान व वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान से सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं।
कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी है। साथ ही, भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग को लेकर आंदोलन भी चलाया है।