ढोल-नगाड़ों की आवाज बता रही है कि विश्व हिंदी दिवस फिर आ गया है। ‘विदेशों में हिंदी’ ऐसे विषयों पर अनेक संगोष्ठियां होंगी। प्रवासी साहित्य की भी खूब चर्चा होगी। ‘विदेशों में हिंदी’ विषय पर आयोजित ज्यादातर कार्यकर्मों और संगोष्ठियों में प्रबुद्ध विद्वान वक्ता बड़ी ही खूबसूरती से ऐसे आंकड़े […]
