कभी बना के हँसी होंठों पे सजाऊँ उसे कभी अश्कों की सूरत आँख से बहाऊँ उसे ========================== कभी पढूँ उसे पाकीज़ा आयतों की तरह कभी गज़ल की मानिंद गुनगुनाऊँ उसे ========================== वो कहता है कि न किया करो याद मुझे जो दिल में बसा हो किस तरह भुलाऊँ उसे ========================== […]
