मैं नन्ही कली नादान बनूँ तो सबका दिल बहला दूँगी मैं ममता तज काली रूप धरुँ तो ब्राह्मण्ड को दहला दूँगी मेरी अरज सुनो एक अवसर दो बेटी की क्या गरिमा जग में ये सबको मैं बतला दूँगी अपनेपन का अहसास रखूँ मैं खुद पर ये विश्वास रखूँ खुश रहूँ […]
शोक प्रस्ताव विश्व हिन्दू परिषद् के पूर्व अध्यक्ष श्री विष्णु हरि डालमियां के निधन से सिर्फ विहिप ही नहीं सम्पूर्ण हिन्दू समाज को एक अपूर्णीय क्षति हुई है. अपने शोक प्रस्ताव में विहिप अध्यक्ष श्री विष्णु सदाशिव कोकजे ने कहा है कि श्री डालमियां सरलता, सक्रियता, सौम्यता व दृढ़ता के […]
अगर भूख कौम के रास्ते आती है तो रोटी का भी कोई धर्म बता दो आप धनाढ्य हैं,आप बच जाएँगे खेतिहरों का भी कोई साल नर्म बता तो दिल्ली की बाँहों में हैं सब रंगीन रातें किसी मल्हारिन का भी चूल्हा गर्म बता दो बेटियों से ही सब उम्मीद की […]
इन लहजों ने कुछ तो छिपा रक्खा है कहीं आँधी कहीं तूफाँ उठा रक्खा है आँखों के दरीचे में काश्मीर दिखे हैं हर अँगड़ाई में बहार बिछा रक्खा है हुश्न का मजाल तो अब समझ में आया दिल्ली कभी पंजाब जगा रक्खा है तुम्हारे नाम की जिरह शुरू हुई जैसे […]
पठन पाठन का नाम बडे फीस चौगूनी भरना पडे हर दिन एक नई माँग बढे पढाई को स्टैण्डर्ड कहना पडे। क कारहा वर्तनी पहाडा जो रटा जाता था अब तो टीचरो की जुवान पर भी टू वन जा टू कहना पडे। गणित हो या ज्ञान सब हो गये सामान्य हाय […]
नदारद नौकरी लेकिन आरक्षण पे हंगामा। बने कुछ लोग दुर्योधन नेता सब शकुनि मामा। करी हत्या है गायों की दिये हैं दान में जूते। जिनके पास प्रतिभा है बढ़े हैं अपने बल बूते। मामा जी ने डाला है मुँह में ऊँट के जीरा। भला वह बाँझ क्या समझे क्या होती […]
मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम पत्रिका के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। साथ ही लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए।
आप 29 अप्रैल को जन्में तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण जैन ने 30 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से डॉ. अर्पण जैन पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान व वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान से सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं।
कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी है। साथ ही, भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग को लेकर आंदोलन भी चलाया है।