देश की इस हालत को देखो, अफजल का अनुयायी नेता है। और वंदे मातरम् गाने वाला, गोली खाकर लेटा है। पत्थरबाजी करनेवाले को, सियासत की शह मिल जाती है। ‘जय हिन्दुस्तान’ बोलने पर, घर में ही गोली चल जाती है। सब चुपचाप बैठे हैं, कौन अपने बहुमत से खेले। देश […]

उनकी अपेक्षा बस इतनी है कि, तुम उन्हें नहीं भुलाओगे। मीठे-मीठे रंग घुले अभी यहां दिख रहे, सच तो यह है कि भले वर्तमान करता हो प्रदर्शन अपनी पहचानों की, मीठा शरबत तभी बना जब चीनी उसमें गल जाए। अदृश्य कणों की आशा होगी कि तुम उनका भी परिचय करवाओगे, […]

जब ऊँच-नीच का भेद रहा हो, सुनती सत्ता,चापलूसों का कहा हो पक्षपात की नीति बनी हो, व्यवस्थाएं भ्रष्टाचार से सनी हो, अब भी झूठा भाषण प्रधान रहा जो था शोषित-वंचित कल, वो वैसा ही आज रहा बोलो तुम कब तक यूँ ही, स्वप्न शीश महल का दिखलाओगे। बोलो कुछ तो, […]

(काशी हिन्दू विश्वविद्यालय में हो रही घटना पर) क्या यही अब नीति होगी, देश और इस काल की। वह धरा साक्षी बनेगी, जहाँ भक्ति होती महाकाल की। है बेटियाँ यदि मान तो, क्यों हुआ यह अपमान है। सिसकियाँ अनसुनी रही, आखिर ये कौन-सा सम्मान है? चलाना चाहिए घन, जिन पापियों […]

नजरों से नजर जब मिली थी कभी, नाम प्राण पृष्ठ पर तभी लिख गई। सोचा कई दफा जाकर कह दूँ आज अभी, कर गया दिल लड़कपन कुछ कहा ही नहीं। रोज लिखकर मैंने खत को दफन कर दिया, दिल में उठी उफन कहती है अब रूकेगी नहीं। अधरों पर मुस्कान […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।