गणपति आखिर विदा हो गए, बरखा तुम कब जाओगी । अब तो हद-पार अति हो गई, कब तक हमें सताओगी। मानसून में रिमझिम-रिमझिम, हमको प्यारी लगती हो । आषाढ़ी कृषक की, सावन में, बहन हमारी लगती हो। तुम्हें मनाने तुम्हें बुलाने , जाने कितने जतन किए । देर से ही […]

क्यों करता हूं कागज काले । बैठा एक दिन सोच कर यूं ही , शब्दों को बस पकड़े और उछाले । आसमान यह कितना विस्तृत , क्या इस पर लिख पाऊंगा । जर्रा हूं मैं इस माटी का, माटी में मिल जाऊंगा। फिर भी जाने कहां-कहां से , कौन्ध उतर […]

     एक हादसा कल रात हो गया,                          हो बीमार मैं पस्त पड़ा। मच्छर एक ललकारते हुए,                      तान के सीना समक्ष खड़ा। मच्छर हूँ मैं ,मुझसे तुम सब, […]

(लय :-तेरे चेहरे से नजर नहीँ हटती नजारे हम क्या देखें) प्यारे भारत ,प्यारे भारत ,तुझपे मैं कुरबां कुर्बानी कोई क्या देखे । मेरे दिल पे ये तेरे ही निशां निशानी कोई क्या देखे । धरती पे तेरी ये मुल्क समाया है ,सारी ही दुनियां में हमको ये भाया है […]

          आमंत्रण मिलते ही थोड़ी दुविधा भी लगी कि चला जाय या दूरी ,सर्दी ,और समय की बाधाओं से हार कर यहीँ से सन्तुष्ट हो जाएं । आखिर अंदर से आवाज आई कि चलने पर कुछ तो नया मिलेगा ।यही सोच कर सब बाधाओं पर विजय […]

स्वार्थ के वश सब अपनी सोचे ,                    देश की है किसको चिंता । एक स्वार्थ से सब स्वार्थ सधेंगे,                    सोचो तुम जो हो जिन्दा । बाग ही गर जो उजड़ गया तो […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।