जमीन और  आसमान  जिंदा रखो कुछ तो अपना स्वाभिमान जिंदा रखो वतन पे मर मिटे वतन से मोहब्बत वाले दिलो में  तिरंगे  का  सम्मान जिंदा रखो बेईमानो का साथ छोड़ क्यों नही देते जरा खुद का  भी ईमान  जिंदा रखो वतन पे बुरी नजर उठे बर्दास्त नहीं हमको मुल्क पर […]

दीपावली का त्यौहार भारतवर्ष में बहुत ही धूमधाम से मनाया जाने वाला त्यौहार है। प्राचीन मान्यता के अनुसार जब सतयुग में श्री रामचंद्र 14 वर्ष का वनवास हुआ था,तब अयोध्या वासी बहुत दुखी हो गए थे और चौदह वर्ष के लंबे अंतराल के बाद जब उन्हें प्रभु श्री राम के […]

१)महिना सावन आ गया, रिमझिम है चहुँ ओर। पेड़ों पर फल लद गये, नाचे वन में मोर।। २)छाता साजन ले गये, भीगे मन के तार। तडप रहा पूरा बदन, मन में उठे हुलार।। ३)देख घटा बढ़ने लगी, पिया मिलन की प्यास। बैठ गयी सज-सँवर के ,सजनी पी के पास।। ४)रिमझिम […]

गुंजन की दो दिन पहले ही शादी हुई है, सारे मेहमान जा चुके हैं, आज सिर्फ घर के ही लोग हैं। दोपहर का समय है। डायनिंग टेबल  से गुंजन के सास ससुर ,जेठ और पति खाना खा कर उठ जाते हैं और जूठी प्लेट को वहीं छोड़ देते हैं। ये देखकर […]

महाकाल की नगरी उज्जैन में पूजा-अर्चना कर भगवान के आशीर्वाद के साथ “नया मध्यप्रदेश नयी रफ्तार, शिवराज सिंह अबकी बार’ का लक्ष्य सामने रखकर जन आशीर्वाद यात्रा को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने हरी झंडी दिखाकर रवाना कर दिया। इसके साथ ही भाजपा ने 2018 की फतह के […]

आजकल मैं अहसासों के बलबूतों पर जी रहा हूँ। मुझे हर क्षण मिलती हुई ऊर्जा के सबूतों पर जी रहा हूँ॥ मैं एक कदम बढ़ाता हूँ, खुश होता हूँ .. फिर उसका स्वाद लेकर, मैं एक कदम और बढ़ाता हूँ… इस तरह,खुद की खिदमतों पर जी रहा हूँ… आजकल मैं […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।