माता पिता की करे जो सेवा परमात्मा देते उसी को मेवा प्रार्थना भी कबूल उसी की करते जो देखभाल माँ बाप की करते जिस ओलाद से आता हो रोना उस ओलाद का भाग्य घिनोना सन्तान उसी के कहे मे चलती जिसने माँ बाप की करी हो भक्ति दुख,तनाव गर ओलाद […]

हर्षित मन रहा करो खुशी मिले अपार मन में रहे शांति सफलता मिले हजार मन मे जब हो शांति तन भी स्वस्थ ही रहे रोग न कोई होने पाये लम्बा जीवन  हो जाये तन और मन जब साथ दे सद्कर्म करे भरपूर परमार्थ ही लक्ष्य रहे दुख रहेगा फिर दूर […]

हिन्दी मेरा  परिचय  हैं हिन्दी मेरा विद्यालय हैं । हिन्दी बचपन का झूला हिन्दी मेरा शब्दालय हैं ।। हिन्दी गंगा-हिमालय हैं हिन्दी मेरा  देवालय  हैं । हिन्दी जवानी की तासीर हिन्दी मेरा सृजनालय हैं ।। हिन्दी  मेरी  मथुरा  हैं हिन्दी मेरी काशी पुरा हैं । बुढापे की  यह सहपाठी हिन्दी […]

विश्व हिन्दी दिवस का पावन पर्व मुबारक हो उर्दू,मराठी,मलयालम बंगाली,तेलगु,कन्नड़ भी क्षेत्रीय भाषा साथ चले ऐसा संवाद मुबारक हो अंग्रेजी से हमे बैर नही पर प्रभुत्व उसका स्वीकार नही हिन्दी गौरव हमारा है उसका अपमान बर्दाश्त नही हिन्दी राष्ट्र सम्मान बने ऐसी अभिलाषा मुबारक हो संसद मे भी हिन्दी चले […]

रुड़की | दिशा शिक्षा ट्रस्ट व केंद्रीय विद्यालय संख्या एक की ओर से विश्व हिन्दी दिवस पर आयोजित कार्यक्रम मे ट्रस्ट के संरक्षक एवम् साहित्यकार श्रीगोपाल नारसन ने कहा कि हिन्दी ही एक मात्र ऐसी भाषा है जो मनुष्य के जन्म से जुड़ी है।नवजात शिशु के रुदन से निकलने वाले […]

बावन अक्षरों की है हिन्दी स्वर -व्यंजन की है हिन्दी जन्म की भाषा है हिन्दी नवजात रुदन भी है हिन्दी भारत की पहचान है हिन्दी भारतीय संस्कार है हिन्दी परमात्म भाषा है हिन्दी देवताओ की भाषा है हिन्दी ह्रदय की भाषा भी हिन्दी मौन की भाषा भी हिन्दी फेसबुक मे […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

आपका जन्म 29 अप्रैल 1989 को सेंधवा, मध्यप्रदेश में पिता श्री सुरेश जैन व माता श्रीमती शोभा जैन के घर हुआ। आपका पैतृक घर धार जिले की कुक्षी तहसील में है। आप कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। आपने अब तक 8 से अधिक पुस्तकों का लेखन किया है, जिसमें से 2 पुस्तकें पत्रकारिता के विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध हैं। मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष व मातृभाषा डॉट कॉम, साहित्यग्राम पत्रिका के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। डॉ. अर्पण जैन ने 21 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण उन्हें वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्डस, लन्दन द्वारा विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं और ख़बर हलचल न्यूज़ के संस्थापक व प्रधान संपादक हैं। हॉल ही में साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन संस्कृति परिषद्, संस्कृति विभाग द्वारा डॉ. अर्पण जैन 'अविचल' को वर्ष 2020 के लिए फ़ेसबुक/ब्लॉग/नेट (पेज) हेतु अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से अलंकृत किया गया है।