हे ! दुर्गा माता,विनती करते तुमसे आज | कोरोना से बचाईये. भारत को तुम आज || रहे सभी सुखी संसार में, दुखिया रहे न कोय | करे प्रार्थना आप से,कोरोना किसी को न होय || करे सब पूजा घर में ही ,बाहर न जाने कोय | जो घर से बाहर […]

किसी को क्या पता था, की ऐसा भी दौर आएगा। जिसमें इंसान इंसान से, मिलने को कतरायेगा।। कहाँ हम मेल मिलाप की, बाते करते थे। अब उन्ही से दूर रहने को, हम ही कह रहे है। सचमुच में लोगो ये, कैसा दौर आ गया है।। जिसमें इंसान इंसान से, मिलने […]

(युगपुरुष परमानन्द जी महाराज) (महंत नृत्यगोपाल दास जी महाराज) अखण्ड परमधाम, हरिद्वार मणिरामदास छावनी, अयोध्या सदस्य-श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र अध्यक्ष-श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र (एडवोकेट आलोक कुमार) (न्यायमूर्ति विष्णु सदाशिव कोकजे) कार्याध्यक्ष-विश्व हिन्दू परिषद अध्यक्ष-विश्व हिन्दू परिषद जारीकर्ता विनोद बंसल राष्ट्रीय प्रवक्ता Post Views: 59

पूरे विश्व की रफ्तार,रूक गयी देखो एक वायरस के आगे,जीवन लाचार देखो।। विज्ञान ही सबकुछ है, आकर यहाँ देखो आज वेवसी में पडा,कितना लाचार देखो।। मत फैलने दो इसे संयम, अपनाकर तो देखो जिस पर वस नही,उसे फैलने से रोको।। चंद दिनों की बात,मौत के आगोश में समाज चलना होगा […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।