प्रीत की आग लगाई क्यों तुमने। आग लगाकर बुझाई क्यों तुमने।। पास बुलाकर अपने दूर मुझे क्यों तुमने। पहले सताई ही हूं फिर सताई क्यों तुमने।। छोड़ दिए थे सारे त्यौहार जब मैंने फिर से करवाचौथ मनाई क्यों मैंने चोट पहुंचा कर मलहम लगाया है तुमने। फिर इतनी गहरी चोट […]

तनिष्क ज्वेलरी ने अपने एक एडवरटाइज में हिन्दू लड़की को मुस्लिम परिवार की बहू बना कर प्रदर्शित किया। जिसमें मुस्लिम महिला बनी सास अपनी गर्भवती हिन्दू बहू का ध्यान रखते हुए गोद भराई की रस्म संपन्न करती है, जिसे बड़े ही आकर्षक रूप में बताया गया है। दुर्भाग्य से यह […]

जब से मिली है नजरे तुम से। दिल में कुछ कुछ होने लगा है। था जो पहले कठोर और नीरस। अब वो मचलने और पिघलने लगा है।। ये क्या मेरे साथ अब हो रहा है। इसकी मुझे कुछ भी नहीं खबर। दिल जो मेरा नीरस था अब रसो से भरने […]

कुछ कहता है सावन, मेरे मन के आँगन मे, साजन से तेरा मिलन करा दू क्या दोगी मुझे निछावन मे. मैं एक ऐसा सावन हूँ, तेरे तन मे अग्नि लगाता हूँ मैं ही तेरे साजन को बुलाकर तेरे तन की प्यास बुझाता हूँ सावन मे ही तुमको मैं कोयल की […]

आया खुशियों का त्योहार, रक्षाबंधन का त्यौहार। भाई बहनों का त्यौहार, ये पावन है त्यौहार। था कब से इंतजार, हर पल लगते थे हजार, गिन गिन महीने दिन और रात, किया था मैंने इंतजार। मैं तो कब से हूं तैयार, पीहर जाने को बेकरार। दिल मेरा करे पुकार, अाई खुशियों […]

नई दिल्ली अक्तूबर 12, 2020। दिल्ली में पिछड़े वर्ग के एक गरीब ड्राइवर के लड़के राहुल कंडेला की कुछ कट्टरपंथी मुसलमानों के द्वारा की गई बर्बर हत्या पर विश्व हिंदू परिषद ने अपनी चिंता व्यक्त करते हुए पूछा है कि क्या इस 19 वर्षीय गरीब युवक की एक मुस्लिम युवती […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।