गाँव अच्छा है, शहर अच्छा है मेरा सारा देश अच्छा है गाँव-शहर का भेदभाव ठीक नहीं सब धर्म अच्छे हैं उनको मानने वाले अच्छे हैं नफ़रत की बू ठीक नहीं आमजन अभावों में भी खुश है वो कर रहा है अनवरत अपना कर्म पर नेताओं के इरादे ठीक नहीं सब […]

जनजीवन डगमगाया आया जबसे कोरोना । डरने लगा इंसान ही इंसान से ऐसा कोरोना ।। पीडाहारी हे! दशा माता हम पर कृपा करो ना । चीन से आया कोरोना धरा से इसे नष्ट करो ना ।। जयति जय दशा माता जगत जननी महामाया । जैसे कोढी को देती काया कोरोना […]

कोमल वाधवानी ‘प्रेरणा’ उज्जैन : 456010 (म.प्र.) परिचय विशेष कथ्य : दिव्यांग (दृष्टिबाधित) प्रकाशित पुस्तकें : तीन लघुकथा संग्रह, दो काव्य संग्रह एवं तेरह अ.भा. संकलन। सम्मान : (1) श्रीमती केसरदेवी जानी स्मृति सम्मान :2017 साहित्य मण्डल ,श्रीनाथद्वारा (राज.) (2) डॉ. महाराज कृष्ण जैन स्मृति सम्मान :2017 पूर्वोत्तर हिंदी अकादमी […]

सुबह उठते ही मां ने घर में झाड़ू लगाने के लिए झाड़ू हाथ मे ली, तो कटी झाड़ू को देखकर मां झल्ला उठी । बच्चो को डांटते हुए मां बोली, ….सच-सच बताना, किसने झाड़ू का यह हाल किया । देखते ही देखते तीनों बच्चे मेघा, भय्यू और किशु लाइन से […]

दो जोड़ी कदमों को पास आते देखा तो सड़क के कोने के चबूतरे  पर रखी रोटी और एक सिक्का सावधान हो गए। “देखना, अब ये झगड़ा करेंगे”सिक्के ने कहा तो रोटी ने सहमति व्यक्त की”,हाँ, हो सकता है ।  “बात मेरी हो रही है ,झगड़ा मुझे लेकर होगा,तुम्हे कौन पूछता […]

वो प्रसिद्ध फिल्मी हीरोईन थी। अब उम्र हो चली और फिल्में मिलनी बंद होने लगी तो एक बड़ी राजनीतिक पार्टी में शामिल हो गयी और टिकट भी हासिल कर लिया। बड़े नेताओं ने समझा दिया था-‘ तुम अपनी छवि वैसी ही रखना जैसी फिल्मों के किरदार में थी,बच्चों से बेहद […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।