इंदौर / दिल्ली। मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय महासचिव कमलेश कमल का पहला उपन्यास ‘ऑपरेशन बस्तर’ का विमोचन मंगलवार को दिल्ली के प्रगति मैदान में चल रहे विश्व पुस्तक मेला 2020 में हुआ। इस अवसर पर वरिष्ठ पत्रकार एवं साहित्यकार डॉ. आशीष कांधवे, सुप्रसिद्ध व्यंग्यकार लालित्य ललित एवं मातृभाषा उन्नयन […]

प्रेम कोई फ्रेम नही है यह सुकून भरा कोना है। जहां मन होता प्रफुल्लित प्रेम नाम ऐसा सलोना है ।। प्रेम कोई कच्चा धागा नही खुशियों का एक पालना है । जीवन आनंद की सच्चाई का प्रेम ऐसा आईना है ।। प्रेम कोई मजहबी नही प्रेम तो हर में मन […]

ज़ुल्म से टकराने वालों की निशानी और है आजकल के नौजवानों की जवानी और है इक ज़रूरी बात ये तुमको बतानी और है जो किताबों में छपी है वो कहानी और है फ़स्ल क्यों उगती नहीं है इस जगह उम्मीद की इस जगह का दोस्तो क्या खाद पानी और है […]

ताकत कितनी भी पास हो हर समय यह एहसास हो असली ताकतवर कोई ओर है मेरे नाम का तो बस शौर है करता वह ही ,जो चाहता है बस, नाम मेरा हो जाता है करता हुआ वह दिखता नही अहंकार जरा भी वह करता नही पूरी सृष्टि का नियंता है […]

अमेरिकी सेना ने ईरान के जनरल की हत्या कर दी। जोकि विश्व को एक बार फिर आग के गोले के ओर अमेरिका के द्वारा धकेल दिया गया। अमेरिका ने ईरान के जनरल की हत्या क्यों की इसके पीछे भी कई प्रकार के तर्क हैं। विश्व स्तर के राजनीति के जानकारों […]

मन की बात अपनों से न कहूँ तो किससे कहूँ ? शायद कुछ लोग मेरी बात से सहमत न हों , मुझ से रुष्ट हो जाएँ, भला-बुरा कहें । हो सकता है कि वे ही सही हों पर मैं तो अपने मन की ही कह सकता हूँ । जो देखता […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

आपका जन्म 29 अप्रैल 1989 को सेंधवा, मध्यप्रदेश में पिता श्री सुरेश जैन व माता श्रीमती शोभा जैन के घर हुआ। आपका पैतृक घर धार जिले की कुक्षी तहसील में है। आप कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। आपने अब तक 8 से अधिक पुस्तकों का लेखन किया है, जिसमें से 2 पुस्तकें पत्रकारिता के विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध हैं। मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष व मातृभाषा डॉट कॉम, साहित्यग्राम पत्रिका के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। डॉ. अर्पण जैन ने 21 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण उन्हें वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्डस, लन्दन द्वारा विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं और ख़बर हलचल न्यूज़ के संस्थापक व प्रधान संपादक हैं। हॉल ही में साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन संस्कृति परिषद्, संस्कृति विभाग द्वारा डॉ. अर्पण जैन 'अविचल' को वर्ष 2020 के लिए फ़ेसबुक/ब्लॉग/नेट (पेज) हेतु अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से अलंकृत किया गया है।