इन्दौर । हिन्दी प्रसार के लिए मातृभाषा उन्नयन संस्थान द्वारा शनिवार को लेखिका यशोधरा भटनागर के लघुकथा संग्रह ‘खिड़की’ पर चर्चा का आयोजन स्थानीय श्री मध्यभारत हिन्दी साहित्य समिति में डेढ़ बजे किया जाएगा। इस आयोजन में मुख्य अतिथि साहित्य अकादमी के निदेशक डॉ. विकास दवे रहेंगे। पुस्तक चर्चाकार के […]

अहिल्या पुस्तकालय में 133 वी पाठक संसद इंदौर। पाठक संसद की 133वीं साहित्यिक मासिक गोष्ठी , मंगलवार को शासकीय श्री अहिल्या केंद्रीय पुस्तकालय के संगोष्ठी हॉल में संपन्न हुई। कार्यक्रम के प्रथम भाग में साहित्य अकादमी मध्यप्रदेश द्वारा वर्ष 2018 से 2021 तक के पुरस्कृत कृतिकार जिसमें इंदौर के 19 […]

सम्मान समारोह एवं पुस्तक विमोचन कार्यक्रम संपन्न इन्दौर। कवि ब्रह्मा हो जाता है जब वह नई ऋचाएं रचता है । सृष्टि सृजन से प्रलय तलक मानव उसको पढता है। “आकाश छूने की बात कोई कवि ही कर सकता है । साहित्य अथाह सागर है तो कवि करुणा का सागर होता […]

अखिल भारतीय 13 एवं प्रादेशिक 15 कृति पुरस्कार वर्ष 2020 के पुरस्कारों की घोषणा  _सात वर्षों से संचालित मातृभाषा डॉट कॉम के लिए यह पुरस्कार मिला_  इन्दौर। साहित्य अकादमी, मध्यप्रदेश संस्कृति परिषद्, मध्यप्रदेश शासन संस्कृति विभाग, भोपाल द्वारा अखिल भारतीय 13 (तेरह) एवं प्रादेशिक 15 (पन्द्रह) कृति पुरस्कार कैलेण्डर वर्ष […]

‘लोक गायन में कबीर’ विमोचित इन्दौर। कबीर जन विकास समूह द्वारा रविवार को श्री मध्यभारत हिंदी साहित्य समिति इंदौर में सुरेश पटेल की हाल ही में प्रकाशित पुस्तक ‘लोक गायन में कबीर’ पर गहन चर्चा हुई। संजय पटेल संस्कृति कर्मी, प्रकाशकान्त एवं डॉ पद्मा सिंह, पूर्व रीडर हिंदी अध्ययन शाला […]

इन्दौर। कबीर जनविकास समिति द्वारा स्थानीय श्री मध्यभारत हिंदी साहित्य समिति में डॉ सुरेश पटेल द्वारा संपादित पुस्तक ‘लोक गायन में कबीर’ का विमोचन एवं उस पर चर्चा होगी। संस्था की अध्यक्ष डॉ.चारुशीला मौर्य एवं सचिव छोटेलाल भारती ने बताया कि कबीर जनविकास समूह द्वारा आयोजित कबीर गायन से सामाजिक […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

29 अप्रैल, 1989 को मध्य प्रदेश के सेंधवा में पिता श्री सुरेश जैन व माता श्रीमती शोभा जैन के घर अर्पण का जन्म हुआ। उनकी एक छोटी बहन नेहल हैं। अर्पण जैन मध्यप्रदेश के धार जिले की तहसील कुक्षी में पले-बढ़े। आरंभिक शिक्षा कुक्षी के वर्धमान जैन हाईस्कूल और शा. बा. उ. मा. विद्यालय कुक्षी में हासिल की, तथा इंदौर में जाकर राजीव गाँधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के अंतर्गत एसएटीएम महाविद्यालय से संगणक विज्ञान (कम्प्यूटर साइंस) में बेचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कंप्यूटर साइंस) में स्नातक की पढ़ाई के साथ ही 11 जनवरी, 2010 को ‘सेन्स टेक्नोलॉजीस की शुरुआत की। अर्पण ने फ़ॉरेन ट्रेड में एमबीए किया तथा एम.जे. की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। उन्होंने सॉफ़्टवेयर के व्यापार के साथ ही ख़बर हलचल वेब मीडिया की स्थापना की। वर्ष 2015 में शिखा जैन जी से उनका विवाह हुआ। वे मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं और हिन्दी ग्राम के संस्थापक भी हैं। डॉ. अर्पण जैन ने 11 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्डस, लन्दन द्वारा विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया।