दीपो का दिवाली आयी है , दीप जगमगाते दिवाली आयी है , मीठे मीठे मिष्ठान लेकर आयी है , लाल, पीले, हरे , नारंगी लेकर आयी है , धरती के मिट्टी से दीप जलाएंगे , दुनिया मे प्रेम का मिलन कराएंगे , चक-मक दीपों का त्यौहार आयी है , दीपों […]

क्रोध करने से रोग जन्मता है मन को अशांत यह करता है रक्तचाप असामान्य हो जाता अच्छा फल नही मिल पाता क्रोध बुद्धि को भी हर लेता भला किसी का कभी न होता क्रोध से सब तोबा कर लो शांत मन को धारण कर लो जीवन मे सुख मिल जायेगा […]

शक्ति स्वरूपा नारी हो तुम, तुमको शत शत करूं नमन। नारी जाति की शोभा हो तुम, हम सबकी प्रेरणा हो बस तुम। नारी नहीं है अबला जग में, ये साबित करके दिखलाई तुम। मनु छबीली हैं नाम तुम्हारे, करतब थे तुम्हारे न्यारे न्यारे। 14 बरस में ब्याह रचा कर, झांसी […]

आरती करो माँ श्री लक्ष्मी की। आरती करो माँ श्री लक्ष्मी की।। सागर से निकली हैं माता, कमल पुष्प पर सदा विराजें। नवल नित्य शोभा है माँ की, दोनों हाथ कमल-दल साजें। भक्तों पर सुख-संपदा लुटातीं, पोषणकर्ता हैं धरती की।। आरती करो माँ श्री लक्ष्मी की। आरती करो माँ श्री […]

बड़ी सोच का बड़ा है जादू, ये जादू कमाल कर जाता है। बड़ी सोच होती है जिसकी, वो जग में परचम लहराता है। अपनी निष्ठा और लगन से, वो असंभव को संभव करता है। डिगा ना पाए जिसको निराशा, आशाओं का ऐसा बांध बनाता है। ठोकरों से कभी ना बिखरे […]

कोरोना की पीठ पर सवार होकर आई दिवाली मुहं पर मास्क दो गज की दूरी सबको बधाई यह दिवाली एक दीया जलाओ उनके नाम जो देख नही पाए यह दिवाली छंटे अंधकार आए उजाला लक्ष्मी का हो वास मने दिवाली सबको मिले रोज़गार कोई न रहे खाली हाथ शुभ हो […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।