मंजिल को जब है पाना , खतरों से क्योंकर डरना । बाधाओं से टकराकर , हमको है आगे बढ़ना ।।1।। आँधी हो चाहे तूफान , पथ पर हमें न है रुकना । हर सूरत में जैसा भी हो , हमको है आगे बढ़ना ।।2।। हम सबको धीरज रखकर , देश […]

चैत्र शुक्ल प्रतिपदा जगत का उत्पत्ति दिवस चैत्रे मासि जगद्ब्रह्मा ससर्ज प्रथमेऽहनि। शुक्लपक्षे समग्रं तु तदा सूर्योदय सति।। हेमाद्रि के ब्रह्मपुराण के अनुसार चैत्र मास के शुक्ल पक्ष के प्रथम दिन सूर्य उदय के समय ही परम पिता ब्रह्मा जी ने इस जगत की उत्पत्ति की थी। इसी कारण से […]

मेरी भाषा सन्नाटा बनी तब भी हम चुप रहे। अंग्रेजी की छाया में छिपी तब भी हम चुप रहे। यह सन्नाटा धमाकों के साथ प्रवेश कर गया। भाषा लुप्त सी होती , दिखी ,तो भी हम चुप रहे। धीरे धीरे अपनी भाषा धूमिल सी होने लगी, नजरिया बदलने लगा। तब […]

समय की गति को वह अपनी चाल से भाँप रहा था।सूनी सड़क पर वह अकेला ही था। इस सड़क से उसका प्रायः रोज आना-जाना होता है। पर आज के दिन सड़क को खाली पाकर वह कयास लगाने लगा था , ‘ आखिर में क्या बात है जो सड़क पर राहगीरों […]

आज २३ मार्च को हम बलिदान-शहीदी दिवस के रूप में मनाते हैं। इसलिए यह बहुत बड़ा दिन है। इस दिन भगतसिंह, राजगुरु और सुखदेव जब अपनी बैरकों से निकलते हैं तब यह गीत गुनगुनाते हैं। उन तीनों को सन्१९३१ में फांसी दी गई थी। १४ घंटे पहले ही उन्हें फांसी […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।