मत पिलाओं अपने आँखों से इतना की हम उठा न सके। मत दिखाओ अपने हुस्न को कि हम नजर हटा न सके। जब भी होते है दीदार तुम्हारे खो देते है अपना सुध्दबुध। और तुम्हें ही अपनी नजरो से देखते रहते है।। खोलकर उलझे हुए कालेबालों को जब तुम सुलझती […]

किसी से नज़रें मिलते ही, दिल लगाया नहीं जाता। हर मिलने वाले को भी अपना बनाया नहीं जाता। जो दिलमें बस जाये उन्हें उम्रभर भुलाया नहीं जाता।। माना तेरी हर अदा, मोहब्बत सी लगती है। एक पल की जुदाई भी, मुद्दत सी लगती है। पहले नहीं सोचा था, अब सोचने […]

मन से भक्ति करने वाले तुम्हे प्रभु मिल जायेंगे। दानधर्म करने वालो को दौलत भी मिल जायेगी। मन से भक्ति करने वाले तुम्हें प्रभु मिल जायेंगे।। होगा ये सब सामाने तेरे तू सब कुछ यही देखेगा। प्रभु की लीला देखकर तू प्रभु चरणो में खो जायेगा। आसमान में उड़ने वालो […]

आचार्य श्री से जाने दुनियाँ, ऐसे गुरु हमारे हैं I नयनों में नेहामृत जिनके, अधरों पर जिनवाणी है। करका पावन आशीष जिनका, कंकर सुमन बनाता है I पग धूली से मरुआंगन भी, नंदनवन बन जाता है। स्वर्ण जयंती मुनिदीक्षा की, रोम रोम को सुख देती I सारे भेद मिटा, जन […]

हर किसी को नहीं मिलता सच्चे अच्छे लोगों का साथ। ये दुनियाँ बड़ी जलीम है जो किसीको नहीं छोड़ती। किये अच्छे कर्म तुमने तो उसके अच्छे फल मिलेंगे। जिंदगी के सफर में तुझे जीने के मकसद मिलेंगे।। जो जन्म लेता है दुनियाँ में उसे मरना भी पड़ता है। जीना मरना […]

इंसान की गलतियों का फल भोग रहे हम। यही दुर्भाग्य हमारा यही दुर्भाग्य हमारा।। विश्वगुरु बनने के चक्कर में दो देश में छिड़ गई जंग। बाकी पीछे पीछे हो लिए देकर अपना समर्थन। सबके लिए मिला है अब ये प्रसाद बराबर।। यही दुर्भाग्य हमारा यही दुर्भाग्य हमारा। इंसान की गलतियों […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

29 अप्रैल, 1989 को मध्य प्रदेश के सेंधवा में पिता श्री सुरेश जैन व माता श्रीमती शोभा जैन के घर अर्पण का जन्म हुआ। उनकी एक छोटी बहन नेहल हैं। अर्पण जैन मध्यप्रदेश के धार जिले की तहसील कुक्षी में पले-बढ़े। आरंभिक शिक्षा कुक्षी के वर्धमान जैन हाईस्कूल और शा. बा. उ. मा. विद्यालय कुक्षी में हासिल की, तथा इंदौर में जाकर राजीव गाँधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के अंतर्गत एसएटीएम महाविद्यालय से संगणक विज्ञान (कम्प्यूटर साइंस) में बेचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कंप्यूटर साइंस) में स्नातक की पढ़ाई के साथ ही 11 जनवरी, 2010 को ‘सेन्स टेक्नोलॉजीस की शुरुआत की। अर्पण ने फ़ॉरेन ट्रेड में एमबीए किया तथा एम.जे. की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। उन्होंने सॉफ़्टवेयर के व्यापार के साथ ही ख़बर हलचल वेब मीडिया की स्थापना की। वर्ष 2015 में शिखा जैन जी से उनका विवाह हुआ। वे मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं और हिन्दी ग्राम के संस्थापक भी हैं। डॉ. अर्पण जैन ने 11 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्डस, लन्दन द्वारा विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया।