मचल रहा है मेरा दिल, तुझे देखने के लिए। करू क्या अब में, बता दो तुम्ही कुछ। जिस से देख सकू, अपनी जानेमन को। और मचलते दिल की, तड़प को मिटा सके।। जबसे चढ़ा है तेरा प्यार, मेरे दिल दिमाग पर। कुछ भी दिखता नहीं, तेरे सिवाये अब मुझको। और […]

ईश्वरीय प्रेम की सौगात है देवी रूप में घर की शान जन्म जब उसका हुआ खुशियां बढ़ी बढा मान घर आंगन खेलती जब पूरी दुनिया खिल जाती उसके चेहरे की हंसी देख सारी थकान मिट जाती आध्यात्म से घर संसार में परमात्म कृपा बरस रही बिटिया श्रद्धा के जन्मदिन पर […]

हे ! दुर्गा माता,विनती करते तुमसे आज | कोरोना से बचाईये. भारत को तुम आज || रहे सभी सुखी संसार में, दुखिया रहे न कोय | करे प्रार्थना आप से,कोरोना किसी को न होय || करे सब पूजा घर में ही ,बाहर न जाने कोय | जो घर से बाहर […]

किसी को क्या पता था, की ऐसा भी दौर आएगा। जिसमें इंसान इंसान से, मिलने को कतरायेगा।। कहाँ हम मेल मिलाप की, बाते करते थे। अब उन्ही से दूर रहने को, हम ही कह रहे है। सचमुच में लोगो ये, कैसा दौर आ गया है।। जिसमें इंसान इंसान से, मिलने […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।