आज भी उसे काम नहीं मिला था । वह झंडा चैक के चबूतरे पर उदास बैठा था । उसकी माली हालत ऐसी नहीं थी कि वह तीन-तीन दिनों तक मजदूरी न करे और अपने परिवार का पेट भर ले । फिर उसे मुनिया के स्कूल की फीस भी तो देनी […]

देश की सियासत के लिए कुछ भी कहना असंभव है। इसका मुख्य कारण यह है कि सियासत का कोई भी पैरामीटर निर्धारित नहीं है। इसलिए सियासत का ऊँट कब किस करवट बैठ जाए कुछ भी नहीं कहा जा सकता। क्योंकि राजनीति प्रत्येक दिन नया से नया पैंतरा अपनाती है जिसमें […]

समय नही है भाई अब कह नही सकते स्वयं को स्वयं से दूर कर अब रह नही सकते जो समय मिला है उसे सार्थक बना लो प्रभु याद में रहते हुए घर को मंदिर बना लो सबसे से पहले मन की साफ सफाई कीजिए जो द्वेष भाव बसे है उन्हें […]

हे मातृभूमि ! भारत माता, तुमको शत शत करें नमन। प्रेम से हम सब शीश झुकाएं, श्रृद्धा सुमन करें अर्पण। तुम पर न्योछावर माता मेरी, ये तन मन , सारा जीवन। हरा भरा है आंचल तेरा मां , जिसको लहराए मस्त पवन। सागर तेरे मां चरण पखारें, है मुकुट हिमालय […]

मिथलेश सिंह मिलिंद : राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी साहित्य संगम संस्थान नई दिल्ली | साहित्य संगम संस्थान नई दिल्ली द्वारा आयोजित साहित्य संगम संस्थान छत्तीसगढ़ इकाई का उद्धाटन समारोह (22-11-2020) बहुत ही भव्य तरीके से सम्पन्न हुआ। साहित्य संगम संस्थान नई दिल्ली के तत्वावधान में हिंदी साहित्य के विकास में एक […]

बुजुर्ग घर की रौनक बढाते है घर का रक्षा कवच कहलाते है बुजुर्ग अनुभव का खजाना है बहुत खलता उनका जाना है जीवनपर्यंत उन्हें सम्मान दो उनकी इच्छा को अधिमान दो खराब नक्षत्र ठीक हो जायेगे बिगड़े सारे काम बन जायेगे बुजुर्ग सेवा का फल मिलता है घर का कोना […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम पत्रिका के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। साथ ही लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्में तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण जैन ने 30 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से डॉ. अर्पण जैन पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान व वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान से सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी है। साथ ही, भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग को लेकर आंदोलन भी चलाया है।