छत्तीसगढ़ इकाई स्थापना स्वरूप साहित्य संगम संस्थान ने स्थापित किया एक और कीर्तिमान

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मिथलेश सिंह मिलिंद : राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी साहित्य संगम संस्थान

नई दिल्ली |
साहित्य संगम संस्थान नई दिल्ली द्वारा आयोजित साहित्य संगम संस्थान छत्तीसगढ़ इकाई का उद्धाटन समारोह (22-11-2020) बहुत ही भव्य तरीके से सम्पन्न हुआ। साहित्य संगम संस्थान नई दिल्ली के तत्वावधान में हिंदी साहित्य के विकास में एक के बाद एक नया कीर्तिमान स्थापित हो रहा है। जिसकी कड़ी में छत्तीसगढ़ इकाई की स्थापना हुई। कार्यक्रम मुख्य अतिथि आ. भरत नायक बाबू जी, विशिष्ट अतिथि आ. मंजू सरावगी जी, कार्यक्रम अध्यक्ष आ. आनंद कुमार त्रिवेदी जी के शुभाशीष तले सुसम्पन्न हुआ। संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष आ. राजवीर सिंह मंत्र जी, सह अध्यक्ष आ. कुमार रोहित रोज़ जी, महागुरुदेव आ. डॉ राकेश सक्सेना जी व राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी मिथलेश सिंह मिलिंद जी तथा नई सोच समिति / साहित्य क्रांति ने इस कार्यक्रम के आयोजन का कार्यभार सुव्यवस्थित रूप से संचालित करने में जी-जान लगा दिया। मंच संचालन का कार्यभार बहुत ही शानदार व उत्कृष्ट तरीके से आ. विनोद वर्मा दुर्गेश जी ने एक बार फिर से सुव्यवस्थित तरीके से संपादित किया।
कार्यक्रम में भव्य काव्योत्सव का भी आयोजन किया गया, जिसमें देश के विभिन्न प्रांतों से करीब 150 साहित्यकारों ने लाइव काव्यपाठ प्रस्तुत करते हुए, कार्यक्रम को और भी शानदार बना दिया।
कार्यक्रम की शुरुआत सरस्वती वंदना व स्वागत गीत से शुरू हुआ। कार्यक्रम के अंतर्गत ही साहित्य संगम संस्थान नई दिल्ली के सह अध्यक्ष कुमार रोहित रोज़ जी की बेटी पर आधारित पुस्तक “रिया/प्रियांजलि प्राणों से प्यारी” का विमोचन हुआ। सभी साहित्यकारों को “काव्य रत्न सम्मान” द्वारा सम्मानित किया गया और साथ ही कार्यक्रम में विशिष्ट योगदान करने वाली नई सोच समिति /साहित्य क्रांति के सदस्यों को “काव्य सारथी” से सम्मानित किया गया। साहित्य संगम संस्थान छत्तीसगढ़ इकाई के नव मनोनीत पदाधिकारियों में आ. नवीन तिवारी कवि जी प्रदेश अध्यक्ष, आ. तेजराम नायक जी प्रदेश उपाध्यक्ष, आ. सरोज ठाकुर जी प्रदेश सचिव, आ. रामावतार बिंजराजका निश्छल जी संरक्षक /परामर्शदाता, आ. लता खरे जी पंचपरमेश्वरी, विषय संयोजिका आ. भारती यादव सुधा जी, आ. चंद्रमुखी मेहता जी अलंकरण प्रभारी की ताजपोशी बड़े ही भव्य तरीके से की गई। संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष आदरणीय राजवीर सिंह मंत्र जी ने नव गठित छत्तीसगढ़ इकाई के सुंदर भविष्य की मंगल कामना की और सभी साहित्यानुरागियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाओं संग संस्थान के इस नव कीर्तिमान पर अपने शुभ मनोभावों को भी व्यक्त किया।

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डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।