जाते जाते वो एक और अहसाँ कर गया। खुशनुमा जिंदगी को वो वीराँ कर गया।          खुद को ढूंढने की कोशिश तो की मैने मगर,            शख्स वो लेकिन,मुझे अनजाँ कर गया। इशक अपने की बातें ऐसे वो करता रहा कुछ न सुना,बस […]

कटी जो तुम बिन एक उमर थी। बीती जो तुम संग,वो थी जिंदगी। किया जो तूने,शायद इशक था , की जो मैनें,वो तो थी बंदगी। तूने जो की,वो थी दिल्लगी निभाई पर मैने,दिल की लगी। यकीन के बदले में मिली शर्मिदगी। कर गया तू साथ मेरे दरिंदगी। बेवफाओ की  ,की […]

दिल के हाथों  बहुत मजबूर हैं हम। न चाह कर भी ,तुमसे  दूर हैं हम। आँख भर के जो उसने एक बार देखा बस,उसी मस्ती में चूर हैं हम। ढूंढ ही लोगे पल मे  तुम हमको बदनाम होकर भी मशहूर हैं हम। लाख कोशिशो के बाद भी न भरे ऐसे […]

बहुत बार हुआ ऐसा कि तुम आकर भी आये ही नही। कितने गिले,कितने शिकवे,जो तुमने बतलाये ही नही। बहुत से उल्झे सवाल है हमारी जिंदगी मे यू तो, पर कभी हम दोनो ने ये सब सुलझाये ही नही। बहुत राज है  हमारे सीने मे दफन अतीत के, पर उन पर […]

लोग साथ होकर भी ,हमनवा क्यू नही होते। बातें बहुत  करते  है,हमजुबां क्यू नही होते। एक दहशत सी तारी है हर एक बस्ती मे गर आदमी है तो हम,  इंसा क्यू नही होते। सजाये रखते हैं जिनको हम दिल के शीशे में मेरे गमगीन होने पर वो गमजदा क्यू नही […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

आपका जन्म 29 अप्रैल 1989 को सेंधवा, मध्यप्रदेश में पिता श्री सुरेश जैन व माता श्रीमती शोभा जैन के घर हुआ। आपका पैतृक घर धार जिले की कुक्षी तहसील में है। आप कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। आपने अब तक 8 से अधिक पुस्तकों का लेखन किया है, जिसमें से 2 पुस्तकें पत्रकारिता के विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध हैं। मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष व मातृभाषा डॉट कॉम, साहित्यग्राम पत्रिका के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। डॉ. अर्पण जैन ने 21 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण उन्हें वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्डस, लन्दन द्वारा विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं और ख़बर हलचल न्यूज़ के संस्थापक व प्रधान संपादक हैं। हॉल ही में साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन संस्कृति परिषद्, संस्कृति विभाग द्वारा डॉ. अर्पण जैन 'अविचल' को वर्ष 2020 के लिए फ़ेसबुक/ब्लॉग/नेट (पेज) हेतु अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से अलंकृत किया गया है।