समस्त लघुकथाकारों को यह सूचित करते हुए अत्यंत हर्ष है कि मातृभाषा डॉट कॉम के तत्त्वावधान में एक अंतरराष्ट्रीय लघुकथा प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। विश्व के सभी देशों के हिंदी लघुकथाकार इस प्रतियोगिता में सादर आमंत्रित हैं। इस प्रतियोगिता में भाग लेने के नियम व शर्ते निम्नानुसार […]

सुषमा व्यास राजनिधि, रमेश चन्द्र शर्मा और यशोधरा भटनागर की कविताएँ इन्दौर । मालवा अपने स्वागत, सत्कार और आतिथ्य के लिए जग में प्रसिद्ध है। यहाँ की स्वागत परम्परा हमेशा से ही महनीय और लोकलुभावन रही है। नववर्ष में मालवा के इन्दौर में प्रवासी भारतीय सम्मेलन होने जा रहा है, […]

इन्दौर। मातृभाषा उन्नयन संस्थान के मध्यप्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष कवि अमित मौलिक जैन के पूज्य पिताजी सवाई सिंघई श्री संतोष कुमार जैन जी का देवलोक गमन मंगलवार मध्य रात्रि को हो गया है। अंतिम संस्कार बुधवार को इंदौर में संपन्न हुआ। जिनका उठावना गुरुवार को प्रातः 9:30 बजे निज निवास […]

राऊ इंदौर । देश के काव्यजगत में राऊ इंदौर शहर की विशिष्ट पहचान बनाने वाले कवि अतुल ज्वाला आज शेमारू टीवी पर नववर्ष स्पेशल एपिसोड में दिखेंगे । इससे पहले कई बार अतुल ज्वाला इस कार्यक्रम में नजर आ चुके है , जब से यह कार्यक्रम शुरू हुआ है ज्वाला […]

✍🏻 डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ हर साल की तरह कैलेण्डर ने साल बदलने की दस्तक दे दी, चाहे अंग्रेज़ी तारीख़ बदले चाहे संवत्सर पर आँकलन कुछ यह भी करना अनिवार्य होता है कि हम कहाँ कमज़ोर रह गए, कहाँ हमने ठीक काम किया क्योंकि हिसाब किसी अन्य को न सही […]

जब भी लिखें, सार्थक लिखें- श्री वाजपेयी दीप्ति शर्मा “दीप” भाषा सारथी सम्मान से सम्मानित इंदौर। लेखिका डाॅक्टर पूजा मिश्रा “आशना’ के मुक्तक संग्रह ‘कहो रह सकोगे सदा साथ साजन’ पर चर्चा का आयोजन विचार प्रवाह साहित्य मंच के बैनर तले हुआ। अध्यक्षता करते हुए वरिष्ठ साहित्यकार श्री हरेराम वाजपेयी […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

29 अप्रैल, 1989 को मध्य प्रदेश के सेंधवा में पिता श्री सुरेश जैन व माता श्रीमती शोभा जैन के घर अर्पण का जन्म हुआ। उनकी एक छोटी बहन नेहल हैं। अर्पण जैन मध्यप्रदेश के धार जिले की तहसील कुक्षी में पले-बढ़े। आरंभिक शिक्षा कुक्षी के वर्धमान जैन हाईस्कूल और शा. बा. उ. मा. विद्यालय कुक्षी में हासिल की, तथा इंदौर में जाकर राजीव गाँधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के अंतर्गत एसएटीएम महाविद्यालय से संगणक विज्ञान (कम्प्यूटर साइंस) में बेचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कंप्यूटर साइंस) में स्नातक की पढ़ाई के साथ ही 11 जनवरी, 2010 को ‘सेन्स टेक्नोलॉजीस की शुरुआत की। अर्पण ने फ़ॉरेन ट्रेड में एमबीए किया तथा एम.जे. की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। उन्होंने सॉफ़्टवेयर के व्यापार के साथ ही ख़बर हलचल वेब मीडिया की स्थापना की। वर्ष 2015 में शिखा जैन जी से उनका विवाह हुआ। वे मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं और हिन्दी ग्राम के संस्थापक भी हैं। डॉ. अर्पण जैन ने 11 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्डस, लन्दन द्वारा विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया।