उर्दू कविता में दोहा की परंपरा प्राचीन है। जिस प्रकार उर्दू भाषा के विकास में सूफियों की सेवाएँ अविस्मरणीय हैं, उसी प्रकार उर्दू साहित्य के विकास में भी उनकी सेवाओं को अनदेखा नहीं किया जा सकता। दोहा उर्दू कविता की एक शैली है। कुरान के शुरुआती निशान भी सूफीवाद के […]

मध्य प्रदेश के इंदौर में जन्मे और जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय से उच्च शिक्षा ग्रहण करने वाले डॉ. वेदप्रताप वैदिक ( जन्म- 30.12.1944) यायावरी प्रवृत्ति के व्यक्ति हैं. उन्होंने लगभग 80 देशों की यात्राएं की हैं. हिन्दी और अंग्रेजी के अलावा रूसी, फारसी, पश्तो, जर्मन और संस्कृत के भी जानकार हैं. […]

मुंबई लौटते – लौटते आशंकाओं का बाजार गर्म हो चुका था। इस प्रकार अचानक मेरे लुप्त हो जाने से मेरे शुभचिंतक, मित्र और परिचित आशंकित हो उठे थे। कुछ लोगों के मन में यह सवाल घुमड़ रहा था कि सोशल मीडिया पर निरंतर सक्रिय रहने वाला यह व्यक्ति जो भाषा […]

सियासत एक ऐसा खेल है जिसकी रूप रेखा सदैव ही पर्दे के पीछे से तय की जाती है। पर्दे के बाहर खुले आसमान के नीचे सियासत का दिखाई देने वाला रंग-रूप पर्दे के पीछे ही गढ़ा जाता है यह एक अडिग सत्य है। जिसे नकारा नहीं जा सकता। इसका मुख्य […]

‘‘जवान तुम्हारी माताजी ……….का निधन हो गया है, तुम फील्ड से वापिस आ जाओ…………….’’ वायरलेस पर आयी इस सूचना ने सचिन को थोड़ी देर के लिए स्तब्ध कर दिया । तभी सामने से आई एक गोली उसके सामने रखी रेत कीे बोरी में घुस गई । सचिन चैक गया उसने […]

महोदय, राष्ट्रपति सचिवालय से हिन्दी में प्रेस विज्ञप्तियाँ जारी नहीं की जा रही हैं और न ही वेबसाइट पर प्रकाशित की जा रहीं हैं। राष्ट्रपति सचिवालय में धारा 3(3) का उल्लंघन भी हमेशा किया जाता है। 1) 19 अगस्त 2020 को सचिवालय द्वारा अंतिम बार हिन्दी में “भारत के राष्ट्रपति […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।